चंदा कोचर के लड़के की शादी अटकी, मुंबई से बुक थे कई सारे प्राइवेट जेट 

मुंबई- ICICI बैंक लोन फ्रॉड मामले में पूर्व एमडी चंदा कोचर की मुसीबत और बढ़ गई है। उनके लड़के की शादी 14 जनवरी को जैसलमेर में होनी है। इसके लिए मुंबई से उद्योगपतियों को ले जाने के लिए प्राइवेट जेट बुक किए गए थे। लेकिन ऐन समय पर उनकी गिरफ्तारी से अब शादी टलने की आशंका है। वे इस शादी की धूमधाम से करने की तैयारी में जुटीं थीं।  

ऐसे में यह भी चर्चा है कि इस ऐन मौके पर उनकी गिरफ्तारी को जानबूझकर अंजाम दिया गया है। क्योंकि यह मामला तीन साल पुराना है और जांच भी तभी से चल रही थी। पर बीच में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। ऐसे में कोचर सहित सभी लोग यही मान रहे थे कि अब मामला खत्म हो गया है। लेकिन तीन दिन पहले उनकी गिरफ्तारी ने अब इसे नए सिरे से चर्चा में ला खड़ा किया है।  

उधर, मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने वीडियोकॉन ग्रुप के फाउंडर वेणुगोपाल धूत, ICICI बैंक की पूर्व CEO और MD चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को 28 तारीख तक की CBI कस्टडी में भेज दिया है। वेणुगोपाल धूत को आज ही गिराफ्तार किया था। 

इससे पहले एजेंसी ने शुक्रवार को चंदा कोचर और दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें कोर्ट ने 3 दिन (24 से 26 दिसंबर) तक कस्टडी में भेज दिया था। अब उनकी कस्टडी को बुधवार तक बढ़ा दिया गया है। CBI के वकील ने कहा कि उन्होंने कस्टडी मांगी है क्योंकि वे उन सभी का सामना कराना चाहते हैं। 

आरोप है कि जब चंदा कोचर ने देश के बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक ICICI बैंक की कमान संभाली तो वीडियोकॉन की विभिन्न कंपनियों के नियमों को ताक पर रखकर कुछ लोन मंजूर किए। 2012 में वीडियोकॉन ग्रुप की कंपनियों के 6 अकाउंट के मौजूदा बकाया को डोमेस्टिक डेब्ट रिफाइनेंसिंग के तहत स्वीकृत 1,730 करोड़ रुपए के लोन में एडजस्ट किया था। 

वहीं CBI ने ये भी बताया था कि 2012 में दिए गए 3250 करोड़ के लोन में से 2810 करोड़ रुपए (लगभग 86%) नहीं चुकाए। वीडियोकॉन और उसकी ग्रुप कंपनियों के अकाउंट को जून 2017 में NPA घोषित कर दिया गया था। NPA घोषित होने से बैंक को घाटा हुआ। 

चंदा कोचर के वकील ने शनिवार को कोर्ट में कहा था कि चंदा ऐसी किसी भी कंपनी में डायरेक्टर या स्टेकहोल्डर नहीं थीं, जिसे लोन दिए गए थे। यह बयान ED को स्वीकार्य था और ED ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया, लेकिन CBI इस बयान से संतुष्ट नहीं हुई और गिरफ्तारी की गई। वकील ने कहा था कि इन लोन्स के लाभार्थी वीएन धूत हैं। उन्होंने सवाल किया, ‘अगर CBI को लगता है कि फ्रॉड हुआ तो कोचर को ही क्यों गिरफ्तार किया गया, लाभार्थी को क्यों नहीं।’ 

इस मामले की जांच 2016 में शुरू हुई थी जब दोनों फर्मों, वीडियोकॉन ग्रुप और ICICI बैंक में एक निवेशक अरविंद गुप्ता ने लोन अनियमितताओं के बारे में चिंता जताई थी। गुप्ता ने RBI और यहां तक ​​कि प्रधानमंत्री को इस बारे में लिखा था, लेकिन उनकी शिकायत पर उस समय कोई ध्यान नहीं दिया गया। मार्च 2018 में एक अन्य व्हिसल-ब्लोअर ने शिकायत की। 

टॉप मैनेजमेंट के खिलाफ की गई शिकायत के बाद कई एजेंसियों का ध्यान इस ओर गया। हालांकि, उसी महीने बैंक ने बयान जारी कर कहा कि उन्हें चंदा कोचर पर पूरा भरोसा है। वीडियोकॉन ग्रुप के लोन पास करने में चंदा की कथित भूमिका की जांच के बाद यह बयान दिया गया था। एजेंसियां अपनी जांच करती रहीं और बैंक पर बढ़ रहे प्रेशर के बाद उसने भी जांच शुरू की। इसके बाद CBI ने 24 जनवरी 2019 को FIR दर्ज की। 

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