भारत को विकसित देश बनने में 20 साल का करना होगा इंतजार- पूर्व गवर्नर 

मुंबई- भारत को विकसित देश का दर्जा पाने के लिए दो दशकों से भी अधिक समय तक लगातार आठ-नौ प्रतिशत का मजबूत ग्रोथ रेट बनाए रखना होगा। यह कहना है भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन का। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य रखा है।  

रंगराजन का कहना है कि भारत अगले 20 साल में यह मुकाम हासिल कर सकता है लेकिन इसके लिए लगातार उच्च विकास दर बनाए रखनी होगी। उन्होंने कहा कि भारत के पांच ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने के बाद भी भारत लोअर मिडल इनकम वाला देश ही माना जाएगा। इसकी वजह यह है कि उस स्थिति में भी देश की प्रति व्यक्ति आय 3,472 डॉलर ही होगी। 

रंगराजन में कल ‘आईसीएफएआई फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन’ के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार पांच लाख करोड़ डॉलर पर पहुंचाना एक निकट अवधि वाला आकांक्षी लक्ष्य है। इसकी वजह यह है कि उस स्थिति में भी देश की प्रति व्यक्ति आय 3,472 डॉलर ही होगी जिससे इसे एक मध्यम आय वाला देश ही माना जाएगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के बाद भी भारत को एक उच्च मध्य आय वाला देश बनने में दो साल का वक्त और लगेगा। 

उन्होंने कहा, ‘एक विकसित देश बनने के लिए भारत की प्रति व्यक्ति आय कम-से-कम 13,205 डॉलर होनी चाहिए। उस मुकाम तक पहुंचने के लिए देश को दो दशक से भी अधिक समय तक आठ से लेकर नौ प्रतिशत तक की मजबूत वृद्धि दर रखनी होगी।’ रंगराजन ने कहा कि कुल उत्पादन के हिसाब से देखें तो भारत इस समय दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है जो कि अपने-आप में एक असरदार उपलब्धि है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की रैंकिंग के मुताबिक प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत 197 देशों में से 142वें स्थान पर मौजूद है। 

आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने नीति-निर्माताओं को अर्थव्यवस्था की वृद्धि की रफ्तार बढ़ाने पर ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा, ‘पांच ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने की उपलब्धि सिर्फ एक निकट अवधि का आकांक्षी लक्ष्य है। हालांकि इस उपलब्धि को भी हासिल करने के लिए कम से कम पांच वर्षों तक नौ प्रतिशत की सतत वृद्धि रखनी होगी।’ प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के पूर्व प्रमुख रह चुके रंगराजन ने कहा कि यह बहुत साफ है कि हमें एक लंबा सफर तय करना है। इससे यह भी पता चलता है कि हमें तेजी से दौड़ लगानी होगी। 

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