छात्रों को साइन करने से पहले बायजू अब माता-पिता की वित्तीय स्थिति जांचेगा 

मुंबई- बायजूस अब स्टूडेंट्स को साइन अप करने से पहले उनके पेरेंट्स का टेस्ट लेगा। इससे उनका फाइनेंशियल स्टेटस पता लगा लिया जाएगा और उसी के हिसाब से बच्चों की फीस तय की जाएगी। यह आरोप राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने लगाए हैं। 

प्रियंक कानूनगो का कहना है कि जो बच्चे बाजयूस के तहत ऑनलाइन कोर्स के लिए अप्लाई करते हैं, उनके पेरेंट्स को बायजूस का ‘एफोर्डेबिलिटी टेस्ट’ देना होगा। NCPCR को शिकायत मिली थी कि बायूजस (BYJU’s) बच्चों के फोन नंबर खरीद रही है और उनके पेरेंट्स को धमकी दे रही है कि अगर उन्होंने कोर्स नहीं खरीदा तो बच्चे का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। 

कानूनगो ने बताया कि बाजयूस जल्द ही एफोर्डेबिलिटी टेस्ट की शुरुआत करेगा। कानूनगो के अनुसार, इस तरह बच्चों को परेशान करना गलत है। ये टेस्ट उन पेरेंट्स की मुश्किलें बढ़ाएगा जिनकी सैलरी 25,000 से कम है क्योंकि वे खराब आर्थिक स्थिति के चलते बायजूस का कोर्स नहीं खरीद सकेंगे। 

बायजूस का कहना है कि अब वो कम आय वर्ग में आने वाले परिवार के बच्चों को ट्यूशन कोर्स की बिक्री नहीं करेगा। कंपनी के मुताबिक, परिवार ट्यूशन फीस का भुगतान करने या उसके लिए कर्ज उठाने की स्थिति में है या नहीं, ये देखने के लिए परिवार की आर्थिक स्थिति का टेस्ट लिया जाएगा। 25 हजार से कम आय वाले परिवारों को ऐसे कोर्स ऑफर नहीं किए जाएंगे। 

बाजयूस ने इकोनॉमिक टाइम्स को दिए अपने बयान में कहा कि वे सीधेतौर पर स्टूडेंट् को लोन ऑफर नहीं कर रहे हैं, बल्कि जहां छात्रों को फाइनेंस की जरूरत है, वहां आर्थिक रूप से उनकी मदद करना चाहते हैं। बायजूस आर्थिक रूप से कमजोर माता-पिता को थर्ड पाटी बैंक या प्रतिष्ठित फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट से कनेक्ट करके उनकी मदद करेगा। 

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