24 देशों में जितना ब्याज, उससे ज्यादा है महंगाई, जानिए भारत कहां पर है 

मुंबई- इस साल दुनिया में महंगाई को थामने के लिए ब्याज दरों को बढ़ाने का फैसला अब देशों के रीयल इंटरेस्ट रेट यानी वास्तविक ब्याज दर पर दिखने लगा है। 24 देशों में केवल पांच देश ऐसे हैं जिनकी वास्तविक ब्याज दर सकारात्मक है। इनमें भारत भी है जो इस पायदान में सबसे नीचे है।  

वास्तविक ब्याज दर उसे कहते हैं जब महंगाई की दर में से ब्याज दर को निकालने के बाद जो रिटर्न निवेशकों को मिलता है। बैंक ऑफ बड़ौदा की एक रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा नकारात्मक दर तुर्किये में है जो -75.39 फीसदी है। यहां महंगाई 84.39 और ब्याज दर 9 फीसदी पर है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, अर्जेंटीना में वास्तविक ब्याज दर 017.40 फीसदी है। ऑस्ट्रेलिया में यह -4.20 फीसदी, कनाडा में -2.65 फीसदी, यूरो क्षेत्र में -7.50 फीसदी, फ्रांस में -3.70 फीसदी, जर्मनी में -7.50 फीसदी और इटली में -9.30 फीसदी है। जापान में यह -.380 फीसदी, रूस में -4.50 फीसदी, अमेरिका में -2.60 फीसदी और ब्रिटेन में -7.20 फीसदी यह दर है। 

महामारी ने केंद्रीय बैंकों द्वारा महंगाई को देखने के तरीके को बदल दिया था। उस समय नीतिगत दर को न्यूनतम संभव स्तर तक ला दिया गया था। यह फैसला देशों ने वृद्धि को बढ़ाने के लिए लिया था लेकिन यह अब उनके लिए नकारात्मक बन गया है। इस समय अधिकांश देशों में केंद्रीय बैंकों के लक्ष्य से महंगाई बहुत अधिक है। इसका मतलब यह भी है कि केंद्रीय बैंकों के लिए अपनी नीतिगत दर पर सकारात्मक रिटर्न प्रदान करना संभव नहीं है। 

भारत में रेपो दर 6.25% तक पहुंच चुकी है। फरवरी में इसके बढ़कर 6.5% होने की उम्मीद है। उस समय महंगाई दर और रेपो दर जो होगी, उसके बाद ही वास्तविक ब्याज दर का आकलन किया जा सकता है। यूरो क्षेत्र, ब्रिटेन और अमेरिका दूसरे स्तर पर हैं जहां महंगाई बहुत अधिक है जिससे वहां वास्तविक दरें नकारात्मक हैं। यह तब तक बनी रहेंगी जब तक कि महंगाई नीचे नहीं आती है। आने वाले महीने में कई देशों के केंद्रीय बैंक दरों को 0.50 से 1.00 फीसदी तक ही बढ़ा सकते हैं। सकारात्मक ब्याज दर वाले देशों में ब्राजील में 7.85 फीसदी वास्तविक ब्याज दर है जबकि चीन में 2.05 फीसदी, मैक्सिको में 2.70, सऊदी अरबिया में 2.10 फीसदी और भारत में यह 0.37 फीसदी है।  

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