चंदामामा पत्रिका के पूर्व मालिकों पर शेयर बाजार में एक साल का प्रतिबंध 

नई दिल्ली। चंदामामा कभी बच्चों की पसंदीदा मासिक पत्रिका हुआ करती थी, जिसमें नैतिक मूल्यों और पौराणिक कथाओं की कहानियां होती थीं। लेकिन सेबी ने पत्रिका के पूर्व मालिकों को विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड (एफसीसीबी) के माध्यम से जुटाए गए 12.5 करोड़ डॉलर की हेराफेरी के मामले में एक वर्ष के लिए शेयर बाजार में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसमें जियोडेसिक के चेयरमैन पंकज कुमार), अनुपालन अधिकारी प्रशांत मुलेकर और प्रबंध निदेशक किरण कुलकर्णी शामिल हैं। 

चंदामामा इंडिया लिमिटेड जियोडेसिक की पांच सहायक कंपनियों में से एक थी। सेबी ने 2016 में बॉम्बे हाईकोर्ट के कंपनी रजिस्ट्रार से एक पत्र प्राप्त करने के बाद कंपनी की जांच शुरू की। इसमें पता चला कि कंपनी ने विभिन्न पार्टियों को पैसे देने के लिए एक अलग कंपनी बनाई थी। सेबी के आदेश के अनुसार, 12.५ करोड़ डॉलर में से 93.9 मिलियन डॉलर का निवेश कंपनी की सहायक कंपनियों जिओडेसिक होल्डिंग्स में और 26.8 डॉलर जीटीएसएल में निवेश करने का दावा किया गया था। 3.52 मिलियन डॉलर एफसीसीबी के खर्च में गए। इन सब लेनदने में हेराफेरी का मामला सामने आया था। 

सेबी ने सिक्योरक्लाउड और इसके निदेशकों पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसे 45 दिनों के अंदर भुगतान करना होगा। साथ ही इन पर शेयर बाजार में कारोबार करने पर एक से तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। निदेशकों में सुरेश वेंकटचारी, आरएस रमानी और गुरुमुर्ति जयरमन शामिल हैं। कंपनी पर 4 करोड़ का जुर्माना लगा है। कंपनी ने गलत वित्तीय विवरण की जानकारी दी थी। इसी आरोप में यह जुर्माना लगाया गया है। 

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