टाटा म्यूचुअल फंड खरीद सकता है यूटीआई में सरकारी बैंकों का हिस्सा 

मुंबई- अब म्यूचुअल फंड बाजार में भी टाटा ग्रुप का दबदबा होगा। टाटा ग्रुप यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। इस सौदे के लिए बातचीत आखिरी स्टेज में हैं। यूटीआई एसेट मैनेजमेंट भारत में आठवीं सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। यूटीआई एएमसी अक्टूबर 2020 में स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी। टाटा एएमसी को यह हिस्सेदारी खरीदने के लिए ओपन ऑफर भी लाना होगा। 

टाटा ग्रुप पहले से ही टाटा एएमसी के माध्यम से म्यूचुअल फंड बाजार में उतरा हुआ है। अगर टाटा एएमसी और यूटीआई एएमसी का मर्जर होता है, तो इस विलय से टाटा के पास देश की चौथी सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी हो जाएगी। मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, टाटा ग्रुप चार सरकारी वित्तीय कंपनियों से यह हिस्सेदारी खरीदेगा। ये कंपनियां पंजाब नेशनल बैंक (PNB), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) हैं। इन चारों कंपनियों के पास यूटीआई एएमसी में कुल 45.16 फीसदी हिस्सेदारी है। 

मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि टाटा ग्रुप को यूटीआई एएमसी के दूसरे बड़े निवेशक टी रोवे प्राइस ग्रुप से सैद्धांतिक रुप से मंजूरी मिल गई है। इसके पास कंपनी में 23 फीसदी हिस्सेदारी है। अगर यह डील होती है, तो टाटा एएमसी और यूटीआई एएमसी से बनी संयुक्त कंपनी देश की चौथी सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी होगी। इस समय देश के टॉप तीन एसेट मैनेजर एसबीआई एएमसी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी और एचडीएफसी एएमसी हैं। 

टाटा के हिस्सेदारी खरीदने की खबर के बाद यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी के शेयर कल 11.48 फीसदी या 88.55 रुपये उछलकर 859.70 रुपये तक पहुंच गए। बीएसई पर यूटीआई एएमसी का मार्केट कैप 10,859.98 करोड़ रुपये दिखाई दिया। 

30 सितंबर तक यूटीआई एएमसी का एयूएम 2.34 लाख करोड़ रुपये या कुल एयूएम का 6 फीसदी था। एयूएम के मामले में टाटा एएमसी देश की 12वीं बड़ी कंपनी है। 30 सितंबर तक इसका मैनेज्ड एसेट्स 91,284 करोड़ रुपये था। UTI AMC ने वित्त वर्ष 2022 में 1,319 करोड़ के राजस्व पर 534 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।  

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