रिटायरमेंट के बाद बेहतर पेंशन पाना चाहते हैं तो जानिए कहां मिलेगा मौका 

मुंबई- नौकरी कर रहे लोगों के पास रिटायरमेंट के लिए बचत करने के कई तरह के ऑप्शन होते हैं। नौकरी करने के दौरान लोग अपनी सैलरी का एक हिस्सा निवेश के लिए अलग रख लेते हैं। लोग रिटायरमेंट के लिए बचत करते हैं जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। अगर आप पेंशन के लिए रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं तो नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) इसके लिए सबसे सही विकल्प हो सकता है।  

प्राइवेट नौकरी करने वालों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए सरकार एक स्कीम चलाती है। इस योजना का नाम नेशनल पेंशन स्कीम है। अगर आप इस स्कीम में सही से निवेश करते हैं तो रिटायरमेंट के बाद आपको हर महीने 50 हजार रुपये तक की पेंशन मिल सकती है। यहां हम आपको इसकी जानकारी देने जा रहे हैं कि आप किस तरह इतनी पेंशन हासिल कर सकते हैं।  

एनपीएस खाताधारक को धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक और धारा 80 सीसीडी के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपये तक की आयकर (Income Tax छूट मिलती है। हालांकि एन्यूटी से होने वाली कमाई पर टैक्स की देनदारी बनती है। इस कमाई को आपकी अन्य सभी कमाइयों में जोड़कर आपका स्लैब निर्धारित होगा और उसी हिसाब से इनकम टैक्स भरना होगा। वहीं एनपीएस के टिअर-1 अकाउंट में योगदान पर और निकासी दोनों पर टैक्स से छूट के लाभ मिलते हैं। ऐसे में खाताधारकों को यह भी फायदा मिलेगा। 

एनपीएस निवेश का एक जरिया है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि रिटायरमेंट के बाद भी लोग अपना खर्च उठा सकें। इसमें इक्विटी से कम जोखिम है और पीपीएफ या फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा रिटर्न है। एनपीएस में चार एसेट क्लास हैं- इक्विटी, कॉरपोरेट डेट, गवर्नमेंट बॉन्ड्स और ऑल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स। इनवेस्टर के पास एनपीएस में निवेश करने के दो विकल्प हैं- एक्टिव और ऑटो चॉइस। सब्सक्राइबर मैच्योरिटी पर सारा कॉर्पस नहीं निकाल सकता है। उसे कुल एनपीएस कॉर्पस का 40 फीसदी हिस्सा किसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से एन्युटी प्लान खरीदने में निवेश करना होगा।  

यह एन्युटी अमाउंट रेगुलर पेंशन है जो सब्सक्राइबर को रिटायरमेंट के बाद मिलेगी। बाकी 60 फीसदी राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है। हालांकि इसका कुछ हिस्सा भी एन्युटी खरीदने में निवेश किया जा सकता है। इस तरह एनपीएस सब्सक्राइबर अपने कॉर्पस का 40 फीसदी से अधिक हिस्सा और 100 फीसदी तक एन्युटी खरीदने में इस्तेमाल कर सकता है। एन्यूटी खरीदने के लिए जितनी अधिक रकम आप छोड़ेंगे, आपको रिटायर होने के बाद उतनी ही अधिक पेंशन मिलेगी। 

अगर आप रिटायरमेंट के बाद हर महीने 50 हजार रुपये की पेंशन पाना चाहते हैं तो आपको इस तरह से निवेश करना होगा। इसके लिए आपको 24 साल की उम्र से निवेश शुरू करना होगा। आपको हर महीने 6000 रुपये जमा करने होंगे। इस हिसाब से आपको रोजाना 200 रुपये की बचत करनी होगी। अगर वह 36 साल तक एनपीएस में इस तरह निवेश करेगा तो सालाना 10 फीसदी रिटर्न पर उसका कुल एनपीएस इनवेस्टमेंट मैच्योरिटी पर 2,54,50,906 रुपये होगा। अगर वह अपनी कुल कॉर्पस का 40 फीसदी हिस्सा एन्युटी खरीदने पर खर्च करता है तो उसे रिटारयमेंट के बाद हर महीने 50,902 रुपये की पेंशन मिलेगी।  

अगर कोई रिटायरमेंट के बाद 75 हजार रुपये तक की पेंशन पाना चाहता है तो उसे एनपीएस में हर महीने 10 हजार रुपये निवेश करने होंगे। इसे ऐसे समझें कि 25 साल का कोई व्यक्ति अगले 35 साल तक एनपीएस में हर महीने 10,000 रुपये निवेश करता है। सालाना 10 फीसदी रिटर्न पर उसका कुल एनपीएस इनवेस्टमेंट मैच्योरिटी पर 3,82,82,768 रुपये होगा। अगर वह अपनी कुल कॉर्पस का 40 फीसदी हिस्सा एन्युटी खरीदने पर खर्च करता है तो उसे रिटायरमेंट के बाद हर महीने 76,566 रुपये पेंशन मिलेगी। 

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