कांग्रेस के समय शुरू की गई योजनाओं का नाम बदलकर वाहवाही लूट रही राजग 

मुंबई- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार आज जितनी योजनाएं चला रही हैं, उसमें से ज्यादातर योजनाओं कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) द्वारा शुरू की गई थीं। कांग्रेस की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, 1985 में शुरू की गई योजनाओं से लेकर 2013 तक की योजनाओं के नाम बदल दिे गए हैँ।  

2013 में शुरू की गई एलपीजी के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना को  राजग की सरकार ने पहल के रूप में नया नाम दिया तो इसी साल में निर्मल भारत अभियान का नाम स्वच्छ भारत मिशन के रूप में कर दिया गया। नेशनल अर्बन लाइवलीहुड मिशन को इसी साल दीनदयाल अंत्योदय योजना (एनयूएलएम) के नाम से रीपैकेज्ड किया गया। इसके पहले 2012 में प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप स्कीम (पीपीपी मॉडल) का नाम बदलकर प्रधानमंत्री फेलोशिप स्कीम कर दिया गया।  

2011 में नेशनल आप्टिकल फाइबर नेटवर्क को भारत नेट कर दिया गया। यह गांव- गांव में इंटरनेट पहुंचाने वाली योजना है। 2011 में नेशनल मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी का नाम बदलकर मेक इन इंडिया किया गया। 2010 में संप्रग की कुल 5 योजनाओं का नाम राजग ने बदला। इसमें इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना कर दिया गया। फिर स्वालंबन योजना का नाम बदलकर अटल पेंशन योजना जबकि नेशनल स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम को स्किल इंडिया के रूप में लॉन्च किया गया।  

इसी साल में फ्री एलपीजी कनेक्शन टू बीपीएल फैमिली की योजना का नाम प्रधानमंत्री उज्जवला योजना कर दिया गया। मोडीफाइड नेशनल एग्रीकल्चरल इंश्योरेंस स्कीम (एमएनएआईएस) का नाम बदलकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के रूप में लॉन्च किया गया।  

साल 2009 भी नाम बदलने से अछूता नहीं रहा। इस साल राजीव आवास योजना का नाम बदलकर सरदार पटेल नेशनल मिशन फॉर अर्बन हाउसिंग जबकि 2008 में नेशनल गर्ल चाइल्ड डे प्रोग्राम का नाम बदलकर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नाम कर दिया गया। नेशनल प्रोजेक्ट ऑन मैनेजमेट ऑफ सॉयल हेल्थ एंड फर्टिलिटी का नाम भी सॉयल हेल्थ कार्ड कर जदिया गया जबकि जन औषधि स्कीम का नाम प्रधानमंत्री जन औषधि योजना कर दिया गया।  

2008 में ही जन औषधि का नाम बदलकर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि प्रोग्राम (पीएमबीजेपी) कर दिया गया। 2007 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं अदर प्रोग्राम का नाम परंपरागत कृषि विकास योजना रखा गया तो इसी साल में एक्सीलेरेटेड इरिगेशन बेनेफिट्स प्रोग्राम का नाम प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना रख दिया गया। इसी साल में आम आदमी बीमा योजना का भी नाम बदला गया और इसका नया नाम प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना कर दिया गया।  

2006 में शुरू हुई नेशनल ई-गवर्नेंस प्लान का नाम डिजिटल इंडिया रखा गया जबकि 2005 में शुरू की गई नेशनल मैरीटाइम डेवलपमेंट प्रोग्राम का नाम सागरमाला रख दिया गया। 2005 में ही बनी योजना नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (आजीविका) का नाम दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण योजना और राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना रखा गया।  

इसी साल में शुरू की गई जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन का नाम अमृत रखा गया जबकि बेसिक सेविंद्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट का नाम जन धन योजना कर दिया गया। 2005 में ही शुरू की गई डेवलपमेंट ऑफ हेरिटेज एरिया का नाम बदलकर हृदय कर दिया गया। साल 2004 वह साल था, जब राजग के नेतृत्व वाली वाजपेयी की सरकार सत्ता से बाहर हो गई। इस साल में बनी केवल एक योजना न्यू डील फॉर रूरल इंडिया को ग्राम उदय से भारत उदय नाम कर दिया गया।  

उसके पहले 1985 में यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम को राजग की सरकार ने मिशन इंद्रधनुष नाम दिया जबकि इसी साल में बनी कंप्रेंसिव क्रॉप इंश्योरेंस स्कीम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किया गया।

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