आईटीआर भरना भूल गए या कोई गलती है तो जानिए कैसे ठीक कर सकते हैं 

मुंबई- कई बार ऐसा होता है कि हम अपना आईटीआर (ITR) भरना भूल जाते हैं या हम इसे अधूरा ही छोड़ देते हैं। ऐसी गलतियों के चलते हमें पेनल्टी भरना पड़ जाती है। आयकर विभाग ने इसका हल निकाल लिया है। वह अब लोगों को आईटीआर भरने की याद दिलाएगा। जो करदाता नियमित रूप से अपना आयकर रिटर्न भरते हैं, अगर उन्होंने अपना आईटीआर नहीं भरा है, तो उन्हें आयकर विभाग की तरफ से सूचना भेजी जाएगी।  

2.5 लाख से अधिक की सालाना आय वाले हर व्यक्ति को आईटीआर भरना जरूरी होता है। अगर उसकी आय पर कोई टीडीएस कट रहा है या वह तय छूट सीमा के तहत है, तो राहत मिल सकती है। सीनियर सिटीजंस के लिए छूट की सीमा 3 लाख रुपये है। वहीं, सुपर सीनियर सिटीजंस के लिए यह सीमा 5 लाख रुपये है। 

आयकर विभाग द्वारा भेजी जाने वाली सूचना में करदाता की आईटीआर फाइलिंग का स्टेटस भी होगा। उदाहरण के लिए, कोई करदाता ऑनलाइन आईटीआर फाइल करना शुरू करता है, लेकिन किसी कारण से प्रक्रिया को बीच में ही छोड़ देता है। ऐसे में उस करदाता को आयकर विभाग की तरफ से मैसेज जारी होगा। इस मैसेज से करदाता अपनी आईटीआर फाइलिंग को लेकर सचेत होगा और समय पर आयकर रिटर्न फाइल करेगा। 

आयकर विभाग आईटीआर फाइलिंग की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए समय-समय पर कदम उठाता रहता है। इसी कड़ी में सीबीडीटी ने कॉमन आईटीआर फॉर्म का प्रस्ताव रखा है। करदाता के लिए अपने लिए सही आयकर फॉर्म का चुनाव करना आसान नहीं होता। लेकिन अब कॉमन आईटीआर फॉर्म आने के बाद सभी के लिए एक जैसा आईटीआर फॉर्म होगा। प्रस्ताव के अनुसार, ट्रस्ट और एनजीओ को छोड़कर सभी करदाता कॉमन आईटीआर फॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। इस फॉर्म में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स यानी क्रिप्टोकरेंसी आदि से प्राप्त मुनाफे को दर्शाने के लिए एक अलग स्थान होगा। 

क्या सबसे ज्यादा यूज होने वाले सहज और सुगम फॉर्म बंद हो जाएंगे? इसका जवाब है नहीं। आईटीआर फॉर्म नंबर एक और चार आगे भी बने रहेंगे। सबीडीटी ने कहा, ‘मौजूदा आईटीआर-1 और आईटीआर-4 बना रहेगा। पात्र करदाता अपनी सुविधा के अनुसार मौजूदा फॉर्म (ITR-1 या ITR-4) या प्रस्तावित कॉमन आईटीआर फॉर्म में अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।’ 

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