एलआईसी का चेयरमैन भी अब निजी क्षेत्र से, शेयरों की कीमतों में गिरावट जारी 

मुंबई- देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी में भी अब निजी क्षेत्र के लोगों को चेयरमैन बनने का मौका मिल सकता है। इसके शेयरों की कीमतों में लगातार गिरावट से सरकार ऐसी योजना बना रही है। एलआईसी इस समय 41 लाख करोड़ रुपये की संपत्तियों का प्रबंधन करती है।  

इसके 66 साल के इतिहास में यह पहली बार होगा, जब निजी क्षेत्र का कोई व्यक्ति इसका प्रमुख बनेगा। अभी तक कंपनी के ही एमडी को इसका चेयरमैन बनाया जाता रहा है। हालांकि, इसके वर्तमान चेयरमैन एमआर कुमार पहले ऐसे चेयरमैन हैं जो सीधे जोनल मैनेजर से चेयरमैन बने थे। 

निजी क्षेत्र की नियुक्ति के लिए पिछले साल ही एलआईसी के कानून में बदलाव किया गया था। इस नियम को मार्च से लागू किया जाएगा। यानी चेयरमैन के पद को दो भाग में बांटा जाएगा। पिछले साल मई में सूचीबद्ध होने के बाद से एलआईसी के शेयरों की कीमत आईपीओ के भाव की तुलना में करीब 30 फीसदी नीचे है। इससे निवेशकों को 2 लाख करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। सरकार इस पर भी विचार कर रही थी कि क्या कानून में और बदलाव की जरूरत है। साथ ही क्या सरकार निजी क्षेत्र की तरह भारी-भरकम वेतन दे सकती है। 

इससे पहले मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद सरकारी बैंकों में भी निजी क्षेत्र के अधिकारियों को एमडी बनाने का नियम लाया था। इसके बाद से इस समय बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई बैंकों में शीर्ष स्तर पर निजी क्षेत्र के लोग हैं। हालांकि, यहां भी पहले चेयरमैन का पद होता था, जिसे बाद में एमडी एवं सीईओ का पद कर दिया गया था। एलआईसी और एकमात्र बैंक एसबीआई में अभी भी चेयरमैन का पद है। इसके अलावा चार एमडी होते हैं। 

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