आरबीआई ने 0.35 फीसदी बढ़ाया रेपो दर, अब होम लोन और महंगा होगा 

मुंबई- बढ़ती महंगाई से चिंतित भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में 0.35% का इजाफा किया है। इससे रेपो रेट 5.90% से बढ़कर 6.25% हो गई है। यानी होम लोन से लेकर ऑटो और पर्सनल लोन सब कुछ महंगा हो जाएगा और आपको ज्यादा किस्त चुकानी होगी। 

मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग हर दो महीने में होती है। इस वित्त वर्ष की पहली मीटिंग अप्रैल में हुई थी। तब RBI ने रेपो रेट को 4% पर स्थिर रखा था। लेकिन RBI ने 2 और 3 मई को इमरजेंसी मीटिंग बुलाकर रेपो रेट को 0.40% बढ़ाकर 4.40% कर दिया था। 

22 मई 2020 के बाद रेपो रेट में ये बदलाव हुआ था। इसके बाद 6 से 8 जून को हुई मीटिंग में रेपो रेट में 0.50% इजाफा किया। इससे रेपो रेट 4.40% से बढ़कर 4.90% हो गई। फिर अगस्त में इसे 0.50% बढ़ाया गया, जिससे ये 5.40% पर पहुंच गई। सितंबर में ब्याज दरें 5.90% हो गई। अब ब्याज दरें 6.25% पर पहुंच गई है। 

मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 7.55% के फिक्स्ड रेट पर 20 साल के लिए 30 लाख का लोन लिया है। उसकी किस्त 24,260 रुपए है। 20 साल में उसे इस दर से 28,22,304 रुपए का ब्याज देना होगा। यानी, उसे 30 लाख के बदले कुल 58,22,304 रुपए चुकाने होंगे। 

लोन लेने के बाद RBI रेपो रेट में 0.35% का इजाफा कर देता है। इस कारण बैंक भी 0.35% ब्याज दर बढ़ा देते हैं। अब जब दूसरा व्यक्ति उसी बैंक में लोन लेने के लिए पहुंचता है तो बैंक उसे 7.55% की जगह 7.90% ब्याज बताता है। 

दूसरा व्यक्ति भी 30 लाख रुपए का ही लोन 20 साल के लिए लेता है, लेकिन उसकी किस्त 24,907 रुपए की बनती है। यानी पहले वाले व्यक्ति से 647 रुपए ज्यादा। इस वजह से दूसरे वाले को 20 सालों में कुल 59,77,634 रुपए चुकाने होंगे। ये पहले वाले से 1,55,330 रुपये ज्यादा है। 

अगर आपने कार लोन ले रखा है तो बीते 7 महीनों में ही इसकी ब्याज दरों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। ​​​​​​वित्त वर्ष 2022-23 में ​रेपो रेट 2.25% की बढ़ोतरी हो चुकी है। इस कारण आपकी EMI भी बढ़ गई है। ऐसे में अगर आपने मार्च में कार लोन 7.40% पर लिया था तो वो 9.30% पर पहुंच गया है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि इससे आपकी EMI पर कितना फर्क पड़ा है। 

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