आरबीआई के फैसले से पहले कर्ज महंगा, केनरा और करुर वैश्य ने बढ़ाया ब्याज 

मुंबई- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के फैसले से पहले ही कर्ज महंगा होना शुरू हो गया है। मंगलवार को केनरा बैंक ने सभी अवधि के लोन पर 0.05 फीसदी ब्याज दरें बढ़ा दी। इसका 6 माह का ब्याज अब 8.05 फीसदी होगा जो पहले 8 फीसदी था। एक साल का एमसीएलआर 8.10 से बढ़कर 8.15 फीसदी हो गया है। नई दर 7 दिसंबर से लागू होगी।  

इसी तरह से करुर वैश्य बैंक का कर्ज 6 दिसंबर से 0.25 फीसदी महंगा हो गया है। इसका एमसीएलआर पहले 8.05 फीसदी था जो अब 8.30 फीसदी होगा। 6 माह का एमसीएलआर 8.70 फीसदी से 8.95 फीसदी हो गया है। जबकि एक साल की दर 8.80 फीसदी के बजाय अब 9.05 फीसदी होगी। बैंक ने मंगलवार को यह जानकारी दी। 

आरबीआई के आज के फैसले के बारे में उम्मीद है कि यह 0.25 से 0.35 फीसदी तक कर्ज महंगा कर सकता है। इसके बाद इसी हफ्ते से अन्य बैंक भी कर्ज की ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। मई से लेकर अब तक आरबीआई ने रेपो दर में 1.90 फीसदी का इजाफा किया है। इससे होम लोन की न्यूनतम दरें अब 8.60 फीसदी हो गई हैं। अधिकतम दरें 10 फीसदी तक पहुंच गई हैं। ऐसे में आज बढ़ने वाले रेपो से न्यूनतम दर 8.75 से लेकर अधिकतम 10.25 फीसदी तक हो सकती हैं। 

35 अर्थशास्त्रियों में से 29 ने कहा है कि 0.35 फीसदी तक आरबीआई दरें बढ़ा सकता है। इससे रेपो दर 6.25 फीसदी हो जाएगी जो अभी 5.90 फीसदी है। आरबीआई इसी स्तर पर इसे रोकना चाहेगा। हालांकि, पहले यह उम्मीद 0.50 फीसदी की थी लेकिन अक्तूबर में खुदरा महंगाई कम होने से अब इसमें कम वृद्धि होगी। ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगर नवंबर की खुदरा महंगाई दर 6 फीसदी पर आ जाती है तो फरवरी में आरबीआई दरों को बढ़ाने पर विराम लगा सकता है। अगर यह 6 फीसदी से ऊपर होती है तो एक बार और 0.25 फीसदी की बढ़त दरों में हो सकती है। 

डॉयचे बैंक एजी के कौशिक दास ने कहा कि उम्मीद नहीं है कि दिसंबर से आगे भी दरों में बढ़त जारी रहेगी। आरबीआई मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए महंगाई और विकास के अनुमानों को क्रमश: 6.7% और 7% पर अपरिवर्तित रखेगा। आरबीआई महंगाई पर काबू पाने के लिए मोटे तौर पर रोडमैप भी बता सकता है, भले ही वह सरकार को लिखे गए पत्र के विवरण पर चर्चा करने से इनकार कर दे। 

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