खाने के तेल की कीमतें घटने के आसर, जानिए क्या है भाव घटने के कारण 

मुंबई- आप भी खाना पकाने के तेलों की महंगी कीमत से परेशान हैं? यदि आपका जवाब हां में है तो आपको शीघ्र ही राहत मिलने वाली है। दरअसल, विदेशी बाजारों में तेल-तिलहनों के दाम टूटना जारी है। इस वजह से देशी तेल तिलहनों के भाव प्रभावित हुए हैं। तभी तो दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (CPO), बिनौला और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट देखने को मिली। 

देशी तेल-तिलहनों की पेराई महंगी पड़ रही है। इससे सस्ते आयातित तेलों के मुकाबले इन तेलों के भाव बेपड़ता हो गया है। तभी तो सरसों और मूंगफली तेल-तिलहन तथा सोयाबीन तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने हुए हैं। बाजार सूत्रों ने कहा, ‘‘विदेशी तेलों में आई गिरावट हमारे देशी तेल तिलहनों पर कड़ा प्रहार कर रहा है। इससे समय रहते नहीं निपटा गया तो स्थिति संकटपूर्ण होने की संभावना है। विदेशी तेलों के दाम धराशायी हो गये हैं और हमारे देशी तेलों के उत्पादन की लागत अधिक बैठती है। अगर स्थिति को संभाला नहीं गया तो देश में तेल तिलहन उद्योग और इसकी खेती गंभीर रूप से प्रभावित होगी।’’ 

सस्ते आयात के मद्देनजर क्रूड पाम ऑयल (सीपीओ), पामोलीन, बिनौला और सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट आई है। हालांकि, शादी विवाह के मौसम की मांग के बीच देशी तेलों का भाव बेपड़ता बैठने के कारण सरसों और मूंगफली तेल तिलहन और सोयाबीन दाना एवं सोयाबीन लूज (तिलहन) के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे। 

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