आपके 74 हजार करोड़ रुपये को अदाणी के शेयरों में झोंक दिया एलआईसी ने

मुंबई। अदाणी के शेयरों में तेजी की एक खास वजह सामने आई है। खबर है कि एलआईसी ने इस समूह के चार शेयरों में 74,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। जबकि म्यूचुअल फंड हाउसों ने इन शेयरों को जोखिम मानते हुए इससे दूरी बना ली है। कुछ समय पहले ही वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने कहा था कि अदाणी के शेयरों में काफी जोखिम है। इसका कारण यह है कि एक तो शेयर बिना किसी वजह के बहुत ज्यादा महंगे हो गए, दूसरे समूह पर जो कर्ज है वह भी बहुत ज्यादा है। साथ ही इसका अभी तक सारी कंपनियों में कई सारी ऐसी हैं जो बहुत ज्यादा क्रेडिबल नहीं हैं।

आंकड़ों से पता चलता है कि सन 2020 में सितंबर से अदाणी समूह के सात में से चार शेयरों में एलआईसी ने जमकर निवेश किया है। अदाणी के निवेश में एलआईसी का कुल मूल्य 74 हजार करोड़ रुपये को पार कर गया है। एलआईसी का सबसे अधिक निवेश अदाणी टोटल गैस में है। 2020 में सितंबर में इसमें एक फीसदी से कम निवेश था जो अब इस सितंबर में 5 गुना बढ़कर 5.77 फीसदी हो गया है। अदाणी पोर्टस, अदाणी पावर और अदाणी विल्मर में भी एलआईसी की इसी तरह से हिस्सेदारी बढ़ी है। इससे पहले एलआईसी की रिलायंस और टाटा समूह में भी इसी तरह की हिस्सेदारी है।

उन दोनों समूहों के बाद यह तीसरा बड़ा समूह है जिसमें एलआईसी की हिस्सेदारी है। अदाणी ट्रांसमिशन में एलआईसी की हिस्सेदारी दो साल में 2.42 पर्सेंट से बढ़कर 3.46 फीसदी हो गई है। जबकि अदाणी एंटरप्राइजेज में इसी तरह से एक फीसदी की हिस्सेदारी बढ़कर 4 फीसदी से ऊपर हो गई है। अदाणी ग्रीन एनर्जी में एक फीसदी हिस्सा था जो अब 1.15 फीसदी हो गया है।

अदाणी समूह की इन चारों कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। हालांकि कुल सात कंपनियों सहित अंबुजा और एसीसी को मिला दें तो समूह 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बाजार पूंजीकरण में हिस्सा रखता है। समूह ने एसीसी और अंबुजा को हाल ही में खरीदा है। जबकि विल्मर की लिस्टिंग भी हाल ही में हुई है। उसके पहले इशकी 6 कंपिनयां ही प्रमुख थीं। आठवीं कंपनी अब एनडीटीवी हो गई है जिसे हाल में खरीदा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *