आरआरपीआर से इस्तीफा के बाद एनडीटीवी बोर्ड में बने रह सकते हैं रॉय दंपत्ति 

मुंबई- प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय भले ही एनडीटीवी की प्रमोटर फर्म आरआरपीआर होल्डिंग से बाहर हो गए हों, लेकिन वे अभी भी मीडिया समूह का हिस्सा हैं। आगे भी वे एनडीटीवी के बोर्ड में बने रह सकते हैं। दोनों के पास 32 फीसदी से थोड़ा अधिक की हिस्सेदारी है। 

स्टॉक एक्सचेंजों के पास उपलब्ध एनडीटीवी की हिस्सेदारी के अनुसार, प्रणय के पास 15.94 फीसदी हिस्सा है, जबकि उनकी पत्नी राधिका के पास 16.32 फीसदी है। यह मीडिया कंपनी के नए मालिकों के लिए एक दिलचस्प चुनौती पैदा करने के लिए बाध्य है। हालांकि अदाणी समूह के संस्थापक गौतम अडानी ने हाल ही में फाइनेंशियल टाइम्स के साथ बातचीत में कहा था कि वह प्रणय रॉय को कंपनी के चेयरमैन के रूप में जारी रखना चाहते हैं। 

लेकिन यह कहना आसान है। करना नहीं। अदाणी समूह ने विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (वीसीपीएल) के माध्यम से आरआरपीआर होल्डिंग में 99.5 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के बाद औपचारिक रूप से एनडीटीवी में लगभग 29.18 फीसदी हिस्सेदारी ले ली है। यह अदाणी मीडिया समूह (एएमजी) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। 26 फीसदी अतिरिक्त शेयर के लिए खुले ओपन ऑफर के तहत अब तक 53.3 लाख इक्विटी शेयरों का अधिग्रहण अदाणी ने किया है। यह ऑफर 5 दिसंबर को बंद होगा। बाजार विशेषज्ञों को उम्मीद है कि 5 दिसंबर को बंद होने के बाद अदाणी समूह की हिस्सेदारी लगभग 35-40 फीसदी हो जाएगी। 

इस पृष्ठभूमि को देखते हुए, रॉय या तो शेयर बेचने का विकल्प चुन सकते हैं या बोर्ड में बने रह सकते हैं। लेकिन बने रहने और सक्रिय रूप से शामिल होने की कोशिश करने से दोनों पक्षों के लिए असहज स्थिति पैदा हो सकती है। दिलचस्प बात यह है कि शेयर की कीमत में हालिया रैली से रॉय को कंपनी में उनकी 32.3 फीसदी हिस्सेदारी के लिए लगभग 930 करोड़ रुपये मिलेंगे। हालांकि जैसे शेयर की कीमतें भाग रही हैं, उससे यह रकम 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है। एनडीटीवी के शेयरों में पिछले एक महीने में करीब 40 फीसदी की तेजी आई है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *