डिजिटल अर्थव्यवस्था में दो साल में एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य 

मुंबई- सरकार ने डिजिटल अर्थव्यवस्था के तीन मुख्य क्षेत्रों में अगले दो साल में एक करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। इन तीन क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टार्टअप एवं आईटी, और आईटी-सक्षम सेवाओं का समावेश है। आईटी और दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के तीन बड़े स्तंभ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और आईटीईएस, स्टार्टअप्स ने 88-90 लाख नौकरियां पैदा की हैं।

सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि इसमें हम बिना किसी संदेह के आने वाले दो वर्षों में आसानी से 1 करोड़ नौकरियों को पार कर लेंगे।उन्होंने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था और उससे जुड़ा रोजगार अब एक प्रमुख चलन है। पहले कुछ शहरों के नाम स्टार्टअप्स के लिए बताए जाते थे। अब जब मैं गांवों के स्कूलों में जाता हूं, तो गांवों के बच्चे स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। भारत अब प्रौद्योगिकी उपभोक्ता से प्रौद्योगिकी निर्माता बन रहा है।

एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने इस कार्यक्रम में कहा कि उनका संगठन स्टार्टअप के लिए 64 शहरों में प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करता है, जिनमें से 54 टियर 2 और 3 शहरों में हैं।

हम उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से स्टार्टअप्स को 5-10 लाख रुपये का सीड फंड प्रदान करते हैं। नेक्स्ट जनरेशन इनक्यूबेशन स्कीम के तहत, हम टियर 2 और टियर 3 शहरों से आने वाले स्टार्टअप्स को 25 लाख रुपये का फंड देते हैं। हमने लगभग 65 स्टार्टअप्स को एनजीआईएस लाभ प्रदान किए हैं। 2025 तक 300 स्टार्टअप्स को फंड देने का लक्ष्य है।

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