म्यूचुअल फंड बेचने वालों को 3 दिन में मिलेगा पैसा, लाभांश भी जल्दी मिलेगा 

मुंबई- पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को म्यूचुअल फंड यूनिटधारकों के लाभांश और यूनिट बेचने से प्राप्त राशि के अंतरण के मामले में संपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) के लिये समयसीमा घटा दी। 

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में कहा कि नये नियम के तहत अब लाभांश का भुगतान मौजूदा 15 कामकाजी दिवस से घटाकर सात दिन कर दिया गया है। नियामक ने कहा कि लाभांश भुगतान मामले में सार्वजनिक रिकॉर्ड तिथि सार्वजनिक नोटिस जारी होने से, जहां लागू हो, दो कामकाजी दिवस होगी। 

सेबी ने कहा, ‘‘यूनिटधारकों को लाभांश का भुगतान रिकॉर्ड तिथि से सात कामकाजी दिनों के भीतर होगा।’’साथ ही यूनिट बेचने से प्राप्त राशि के अंतरण के लिये समयसीमा मौजूदा 10 कामकाजी दिनों से घटाकर तीन कार्य दिवस कर दिया गया है। 

सेबी ने कहा, ‘‘यूनिट बेचने से प्राप्त होने वाली राशि यूनिटधारकों (निवेशकों) को यूनिट बेचने की तिथि से तीन दिन के भीतर उपलब्ध करायी जाएगी।’’ जिन योजनाओं में कुल संपत्ति में से कम-से-कम 80 प्रतिशत राशि अगर विदेशों में स्वीकृत निवेश उत्पादों में किया गया है तो ऐसी स्थिति में यूनिट बेचने से प्राप्त होने वाली राशि यूनिटधारकों को आवेदन देने की तिथि से पांच कामकाजी दिवस के भीतर उपलब्ध करायी जाएगी।’’ 

सेबी के साथ विचार-विमर्श कर उद्योग संगठन एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) उन अपवाद परिस्थितियों की सूची प्रकाशित करेगा, जिसके कारण वह निवेशकों को निर्धारित समयसीमा में भुनायी गयी रकम देने में असमर्थन होंगे। साथ ही उन्हें यह बताना होगा कि ऐसी परिस्थिति में यूनिटधारकों को पैसा मिलने में कितना समय लगेगा। सूची का प्रकाशन 30 दिनों के भीतर किया जाएगा। 

नियामक ने कहा कि अगर यूनिट बेचने से प्राप्त होने वाली राशि अथवा लाभांश भुगतान में देरी होती है तो यूनिटधारकों को प्राप्त होने वाली राशि पर सालाना 15 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा। ब्याज का भुगतान संपत्ति प्रबंधन कंपनियां करेंगी और इस प्रकार के भुगतान का विवरण अनुपालन रिपोर्ट के तहत सेबी को देना होगा। 

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