7,000 करोड़ रुपये में बिकेगी बिसलेरी, टाटा कंज्यूमर खरीदने की दौड़ में आगे

मुंबई- देश का सबसे बड़ा पैकेज्ड पानी का ब्रांड बिसलेरी 6,000-7,000 करोड़ रुपये में बिक सकता है। इसे खरीदने में टाटा कंज्यूमर सबसे आगे है। कंपनी के मालिक 82 वर्षीय रमेश चौहान का कहना है कि अब उनके उत्तराधिकारी के रूप में कोई इसे संभालने वाला नहीं है। इसलिए वो इसे किसी अच्छी कंपनी को बेचना चाहते हैं। कई कंपनियों से बात चल रही है जिसमें रिलायंस रिटेल, नेस्ले और डेनोन सहित कई दावेदार हैं। पर कौन खरीदेगा, इसका फैसला अभी नहीं हो पाया है।  

उन्होंने कहा, टाटा ग्रुप इसका और भी बेहतर तरीके से देखभाल करेगा और आगे बढ़ाएगा। इसे बेचने का फैसला एक दर्दभरा है। करीब 30 साल पहले 1993 में चौहान ने थम्सअप, गोल्ड स्पॉट और लिम्का जैसे ब्रांड को 6 करोड़ डॉलर में कोका कोला को बेच दिया था। टाटा समूह ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि वह बिसलेरी इंटरनेशनल के साथ कारोबार की वृद्धि और विस्तार पर चर्चा कर रही है। जब भी कोई फैसला होगा, वह इसकी जानकारी देगी। 

सौदे के तहत वर्तमान प्रबंधन दो साल तक कंपनी में बना रहेगा। चौहान का हाल के दिनों में स्वास्थ्य खराब रहा है। उनकी बेटी जयंती कारोबार में ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखती। वो अभी कंपनी में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहीं हैं। 

चौहान ने कहा कि वह बिसलेरी में थोड़ा भी हिस्सा नहीं रखेंगे। बोतलबंद पानी के कारोबार से बाहर निकलने के बाद, वह वाटर हार्वेस्टिंग, प्लास्टिक रीसाइक्लिंग जैसे पर्यावरण और चैरिटी से जुड़े कामों में फोकस करना चाहते हैं। वित्त वर्ष 2023 में बिसलेरी ब्रांड का मुनाफा 220 करोड़ रुपए जबकि कारोबार 2,500 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। मार्च 2021 को खत्म साल में कंपनी ने 1,181 करोड़ रुपए की बिक्री और 95 करोड़ रुपए का फायदा था। मार्च 2020 को खत्म वित्त वर्ष में कंपनी का राजस्व 1,472 करोड़ रुपए था और 100 करोड़ रुपए लाभ था। 

पारले एक्सपोर्ट्स ने 1969 में इटली के एक कारोबारी से बिसलेरी को 4 लाख रुपये में खरीदा था और भारत में मिनरल पानी बेचना शुरू किया था। 1965 में डॉक्टर सेसार रॉसी ने खुशरू सुंतूक नाम के एक वकील के साथ मिलकर भारत में बिसलेरी लॉन्च किया था। चौहान ने प्रीमियम नेचुरल मिनरल वाटर ब्रांड वेदिका भी बनाया है। बिसलेरी का पहला प्लांट मुंबई से सटे ठाणे में शुरू किया गया था। 

देश में पैकेज्ड पानी का बाजार 20,000 करोड़ रुपये का है। इसमें बिसलेरी का हिस्सा 32 फीसदी है। दूसरी बड़ी कंपनियों में कैनले, एक्वाफिना, रेल नीर और टाटा का हिमालया है। 

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