आपको मिली प्रधानमंत्री किसान किस्त की रकम, तो अब देना होगा वापस 

मुंबई- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अब तक 12 किस्तें जारी हो चुकी हैं। इस योजना में लाभार्थी किसानों को साल में तीन बार 2,000 रुपये की कीस्त मिलती है। हर चार महीने में यह किस्त जारी होती है। पीएम किसान योजना में पैसे उठा चुके कुछ लाभार्थियों को अब झटका लगा है। किस्त पाने के बाद कुछ लाभार्थियों को सरकार ने अपात्र करार दिया है। इन लाभार्थियों को पीएम किसान से अब तक मिला सारा पैसा सरकार को वापस लौटाना होगा। ये लाभार्थी या तो करदाता हैं या किसी दूसरे कारण से अपात्र साबित हुए हैं। 

डीबीटी एग्रीकल्चर बिहार की वेबसाइट के अनुसार, ‘आयकर जमा करने या दूसरे कारणों से पीएम किसान योजना के तहत भारत सरकार द्वारा जिन लाभार्थियों को अयोग्य घोषित किया गया है, उन्हें योजना में अब तक मिली सारी रकम वापस लौटानी होगी।’  

लाभार्थियों को रिफंड के बाद यूटीआर भी अनिवार्य रूप से सबमिट करना होगा। वेबसाइट में आगे बताया गया, ‘आपको अपने कृषि सहायक या जिला कृषि अधिकारी को कॉपी वापस जमा करानी होगी। धोखेबाजों से सावधान रहें और किसी दूसरे बैंक खाते से राशि नहीं निकालें।’ 

अपात्र लोगों की लिस्ट में इस तरह चेक करें नाम 

सबसे पहले आपको https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर जाना होगा। एप्लिकेशन स्टेटस में से ‘PM Kisan tax ineligible farmers’ पर क्लिक करें। अपना 13 अंकों का नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करके सर्च पर क्लिक करें। सूचना आपको स्क्रीन पर दिखाई देगी। 

हो सकता है कि किसी किसान को इनकम टैक्स के चलते अयोग्य करार दिया गया हो, लेकिन उसने इनकम टैक्स भरा ही नहीं हो। ऐसे मामले में किसान को 2017-18 से लेकर 2021-22 तक का आईटीआर का प्रूफ कृषि सहायक को जमा करना होगा। 

इन लोगों को नहीं मिलता पीएम किसान योजना का फायदा 

सभी संस्थागत भूमिधारक इस योजना का फायदा नहीं ले सकते।वे किसान परिवार जिसमें एक या अधिक सदस्य निम्नलिखित श्रेणियों से संबंधित हैं, वे इस योजना का फायदा नहीं उठा सकते-

संवैधानिक पदों पर हैं या पहले रहे हों।

पूर्व और वर्तमान मंत्री/राज्य मंत्री, राज्य सभा/राज्य विधानसभाओं/लोकसभा/राज्य विधान परिषदों के पूर्व या वर्तमान सदस्य, नगर निगमों के पूर्व और वर्तमान महापौर और जिला पंचायतों के पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष। 

केंद्र/राज्य सरकार के मंत्रालयों/कार्यालयों/विभागों और इसकी क्षेत्रीय इकाइयों के सभी सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी, केंद्रीय या राज्य सार्वजनिक उपक्रमों और सरकार के अधीन संबद्ध कार्यालयों/स्वायत्त संस्थानों के साथ-साथ स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारी (मल्टी टास्किंग स्टाफ/lV क्लास/ग्रुप डी कर्मचारी को छोड़कर) 

10,000 रुपये या इससे अधिक की पेंशन पाने वाले सभी सेवानिवृत्त पेंशनभोगी (मल्टी टास्किंग कर्मचारियों को छोड़कर)। 

पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड एकाउंटेंट और आर्किटेक्ट भी पीएम किसान योजना का लाभ नहीं ले सकते। 

वे सभी व्यक्ति जिन्होंने पिछले असेसमेंट ईयर में आयकर का भुगतान किया था, वे भी योजना का फायदा नहीं उठा सकते 

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