शिक्षा बना कारोबार, दूसरी तिमाही में इन कंपनियों का लाभ 182 फीसदी बढ़ा 

मुंबई- उच्चतम अदालत ने हाल में कहा कि शिक्षा को कारोबार नहीं बनाना चाहिए। लेकिन बुधवार को एक रिपोर्ट में कहा गया कि शिक्षा और ट्रेनिंग वाली कंपनियां फायदा कमाने के मामले में दूसरे स्थान पर रही हैं। जुलाई-सिंतबर के दौरान एक साल पहले की तुलना में इन कंपनियों का मुनाफा जहां 182.4 फीसदी बढ़ा, वहीं रियल्टी कंपनियों का लाभ 429.2 फीसदी बढ़ा।  

बैंक ऑफ बड़ौदा की इस रिपोर्ट में शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों का अध्ययन किया गया है। रिपोर्ट कहती है कि कृषि से जुड़ी कंपनियों का लाभ 97.9 फीसदी बढ़ा जबकि शराब से जुड़ी कंपनियों ने 74.4 फीसदी ज्यादा मुनाफा कमाया। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान कंज्यूमर ड्यूरेबल उद्योग के मुनाफे में 99.9 फीसदी की तेजी आई जबकि हेल्थकेयर कंपनियों का लाभ 41 फीसदी बढ़ गया। इन्फ्रा से जुड़ी कंपनियों ने 45.8 फीसदी ज्यादा लाभ कमाया तो रिटेल उद्योग का मुनाफा 56.4 फीसदी बढ़ गया। ट्रेडिंग उद्योग के फायदे में इसी दौरान 188.7 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। 

रिपोर्ट कहती है कि हॉस्पिटालिटी सेक्टर सबसे ज्यादा पिटा। इसके मुनाफे में 254 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। पेपर उद्योग का फायदा 195 फीसदी गिरा जबकि फोटोग्राफिक उत्पाद का मुनाफा 137 फीसदी गिर गया। कंस्ट्रक्शन सामग्री वाली कंपनियों को 74.4 फीसदी का घाटा हुआ जबकि कच्चे तेल वाली कंपनियों के मुनाफे में 56 फीसदी की गिरावट आई। प्लास्टिक उत्पाद वाले उद्योग के लाभ में 68 फीसदी की कमी और टेक्सटाइल उद्योग के मुनाफे में 53.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 

1,917 कंपनियों के अध्ययन से पता चलता है कि इनकी बिक्री लगातार बढ़ रही है पर खर्च ज्यादा होने से इनके मुनाफे पर असर हुआ है। इनकी बिक्री एक साल पहले के 20.6 लाख करोड़ की तुलना में 24 फीसदी बढ़कर 25.6 लाख करोड़ रुपये हो गई है। जबकि इनका शुद्ध मुनाफा 5.4 फीसदी गिर कर 2.18 लाख करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले 2.31 लाख करोड़ रुपये था। खर्च 15.81 लाख करोड़ से बढ़कर 20.66 लाख करोड़ हो गया जिसमें 30.7 फीसदी की बढ़त है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *