खाने पीने की वस्तुएं एक माह में हुईं सस्ती, घट सकती है खुदरा महंगाई  

मुंबई- खाने-पीने के सामानों की कीमतें एक महीने में कम होने या फिर स्थिर होने के कारण अक्तूबर की खुदरा महंगाई की दर में कमी आ सकती है। एक सर्वे के अनुसार, 14 नवंबर को जारी होने वाले महंगाई के आंकड़े 7 फीसदी से नीचे रह सकते हैं जो सितंबर में 7.41 फीसदी था। इस वजह से अगले महीने आरबीआई रेपो दर को बढ़ाने में भी कमी कर सकता है।  

पूरी दुनिया में महंगाई को कम करने के लिए केंद्रीय बैंक रेपो दर को बढ़ा रहे हैं। इसका असर अमेरिका में दिखा है जहां महंगाई अक्तूबर में 7.77 फीसदी रही जो कि सितंबर में 8.2 फीसदी थी। इस वजह से अमेरिकी बाजार में बृहस्पतिवार को भारी तेजी रही और इसका असर शुक्रवार को भारतीय बाजार पर दिखा, जहां सेंसेक्स 1,100 अंक से ऊपर बढ़कर बंद हुआ।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार एक महीने में ज्यादातर सामानों की कीमतें स्थिर रहीं। चावल एक महीने पहले 38.06 रुपये किलो से घटकर शुक्रवार को 38.1 रुपये किलो हो गया। इसी तरह से चना दाल का भाव 74 रुपये से घटकर 73.19 रुपये रह गई। उड़द दाल 108.77 रुपये से घटकर 108.25 रुपये, मूंग दाल 103.49 से घटकर 103.19 रुपये किलो पर रही। 

हालांकि, आटा की कीमतें मामूली तेजी में रही जो 31 से बढ़कर 31.34 रुपये किलो रही। अरहर दाल 112.02 से 112.82 रुपये किलो, मसूर दाल 95.76 से 95.89 रुपये किलो जबकि चीनी का भाव 42.66 रुपये से बढ़कर 42.67 रुपये हो गया। दूध की कीमत 29 पैसा बढ़कर 54.72 रुपये, वनस्पति तेल का भाव 147.69 से घटकर 145.14 रुपये और सोया तेल की कीमत 169.97 से घटकर 168.59 रुपये किलो हो गई।  

पाम तेल भी 119.23 से घटकर 117.38 रुपये किलो हो गया है। लगातार ऊंचे भाव पर रहने वाला टमाटर भी अब 45.97 से घटकर 40.3 रुपये पर आ गया है। हालांकि आलू और प्याज की कीमतें प्रति किलो एक रुपये और 3 रुपये के करीब बढ़ी हैं। 

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