डाइबिटीज टेस्ट कराए तो जानिए कैसे अस्पताल और डाक्टर लूट रहे हैं आपको 

मुंबई। अगर आपको डाइबिटीज है और डाक्टर ने खून टेस्ट करने को कह दिया तो समझ लीजिए कि आपको पैथोलाजी से लेकर डाक्टर और फार्मा कंपनियां जमकर लूट रही हैं। इन तीनों के बीच एक अजीब सांठगांठ इस समय चल रही है जिसमें मरीजों को लूटा जा रहा है।  

कुछ मामले ऐसे सामने आए हैं जिसमें अगर आप किसी पैथोलाजी में खून चेक कराने जा रहे हैं तो पहले आप से यह पूछा जाएगा कि आप डाइबिटीज की दवा ले रहे हैं या नहीं। अगर आपने जवाब हां में दिया तो आपका डाइबिटीज लेवल कम आएगा। अगर आपने कहा कोई दवा नहीं ले रहे हैं तो आपका डाइबिटीज बहुत ज्यादा आएगा।  

दरअसल इसके पीछे खेल यह है कि अगर आप दवा नहीं ले रहे हैं तो आपको ज्यादा डाइबिटीज बताकर दवा लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जब आप डाक्टर के पास जाएँगे तो वह डाइबिटीज की हलकी दवा लिख देगा। अगर आप दवा ले रहे हैं तो फिर सामान्य लेवल ही आएगा।  

हाल में एक मरीज ने बताया कि उसने कई बार ऐसा अनुभव किया है कि जब वह पैथोलाजी में यह बोलता है कि वह दवा ले रहा है तो उसका शुगर लेवल काफी कम आता है। पर जब वह बोलता है कि दवा नहीं लेता है तो उसका शूगर लेवल अचानक रिपोर्ट में ज्यादा आता है। इससे यह पता चलता है कि यह एक तरह से ऐसा खेल है जो डाक्टर, पैथोलोजी और फार्मा कंपनियां मिलकर खेल रही हैं।  

ऐसे में डाइबिटीज मरीजों को इस तरह की ठगी से बचने की जरूरत है। काफी सारे पैथोलोजी और नामी गिरामी पैथोलोजी इसी तरह का काम कर रहे हैं। अमूमन एक इस तरह की भी ठगी देखी गई है कि ज्यादातर डाक्टर वही दवाई लिखते हैं जो उनके आस पास के मेडिकल के पास ही मिलती है बाकी जगह पर वे दवाइयां नहीं मिलती हैं। इसमें भी कमीशन का खेल होता है।  

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