उद्धव ने कहा, शिंदे ने सोचा मैं अस्पताल से बाहर नहीं आऊंगा, सेना कब्जाने की थी योजना 

मुंबई- मुंबई के शिवाजी पार्क में उद्धव ठाकरे ने कहा- जिसने शिवसेना से गद्दारी की, उन्हें गद्दार ही बोलूंगा। मंत्री पद उनके पास कुछ समय के लिए होगा, लेकिन इस जन्म से गद्दारी का दाग नहीं हटेगा। सब कह रहे थे कि शिवसेना का क्या होगा। मुझे चिंता नहीं थी, जिसने जिम्मेदारी दी है, वह देख लेगा। यहां (शिवाजी पार्क में) एक भी व्यक्ति मेरा द्वारा लाया गया नहीं है। गांवों से कई लोग चलकर आए हैं। हमारा आपसे एक रिश्ता है।  

हर साल की परम्परा के तौर पर रावण दहन होगा। इस बार का रावण अलग है। इस बार का रावण अलग है। इस बार पचास खोके (करोड़) का खोकासुर है। मैं बीमार था, उस समय जिसे जिम्मेदारी दी, उस कटप्पा ने धोखा दिया। उन्हें लगा उद्धव उठ नहीं पाएगा। वे नहीं जानते थे कि ये उद्धव नहीं उद्धव बाला साहेब ठाकरे है। विचित्र बात ये है, हमने सब दिया। मंत्री पद दिया। विधायक बनाया, मंत्री बनाया। जिन्हें दिया, वे नाराज होकर चले गए। जिन्हें दे नहीं पाया, वे निष्ठा से मेरे साथ खड़े हैं। 

ये शिवसेना एक दिन की नहीं है। जब तक आप मेरे साथ हैं मैं शिवसेना का प्रमुख हूं। जब तब आप कहेंगे मैं प्रमुख रहूंगा। आप मना कर देंगे तो घर चला जाउंगा। क्या कमी रही मुझसे। बाप मंत्री, बेटा सांसद, घर में एक पार्षद। फिर भी आपने पार्टी से धोखा दिया। भाजपा ने पीठ में खंजर भौंका था, इसलिए महाराष्ट्र विकास अघाड़ी बनाई।  

उद्धव ने कहा, मैंने हिंदुत्व नहीं छोड़ा। जब मैं मुख्यमंत्री बना, तब ये भी थे। अमित शाह ने कहा हमारे बीच कुछ तय नहीं हुआ था। मैं शिवाजी महाराज के सामने अपने माता-पिता की शपथ लेकर कहता हूं। ढाई-ढाई साल के सीएम बनाने का तय हुआ था। अब जो किया, वो तब क्यों नहीं किया। तुम्हें शिवसेना खत्म करनी थी। 

शिंदे के विधायक बोलते हैं, चुनचुन कर गिन-गिन कर मारेंगे, क्या ये कानून की भाषा है। अगर ये हमारे लोगों ने बोला होता तो कार्रवाई करा देते हैं। हमारे नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो पुलिस ने उन्हें एनकाउंटर की धमकी दी। मेरे कार्यकर्ता इसलिए शांत हैं क्योंकि मैं शांत हूं। अगर मैंने शांति छोड़ी तो आपका कानून आपके पास रह जाएगा। शिवसेना किस तरह चलानी है, ये तुम्हें सिखाने की जरूरत नहीं है। तुम मुझे हिन्दुत्व न सिखाए। मैंने बीजेपी को छोड़ा है, हिंदुत्व को नहीं। पाकिस्तान जाकर जिन्ना की कब्र पर घुटने टेकने वाले हमें हिंदुत्व सिखाओगे। नवाज शरीफ के घर खाना खाने वाले हमें हिंदुत्व सिखाओगे। आतंकवादियों से संबंध रखने वाले हमें हिंदुत्व सिखाएंगे। 

महाराष्ट्र के सारे प्रोजेक्ट धीरे-धीरे गुजरात जा रहे हैं। लेकिन, शिंदे सरकार चुप है। जितने भी हिंदुत्ववादी हैं, वे सब एक ही व्यास पीठ पर आएं, फिर मैं अपने पिता वाला हिंदुत्व बताउंगा। इसी मंच से मेरे पिता ने कहा था- मेरा हिंदुत्व ही देशत्व है। जो इस देश से प्यार करता है, वो मुसलमान भी मेरा है। हर कोई अपना धर्म घर पर रखे। घर के बाहर निकलने पर दिल में हिंदुस्तान रखे। ये बाला साहेब ने कहा था। 

अंकिता भंडारी नाम की 19 साल की एक लड़की का कत्ल हो गया। रिसॉर्ट के बगल में उसका शव मिला। रिसॉर्ट का मालिक भाजपा नेता का बेटा था। वो अंकिता को रिसॉर्ट में आने वाले लोगों से गलत काम करने को कहता था। बताइये कहा हैं महिला शक्ति। अंकिता की मां कहती है- आरोपी को जिंदा जलाओ, उसे लटकाओ। क्या हुआ? 

भागतव जी मस्जिद गए। गर्भवती बिलकिस बानो का बलात्कार किया गया। उसकी बच्ची की हत्या की गई। उसके आरोपी जेल काट रहे थे। उन्हें छोड़ दिया गया। आरोपियों का सत्कार किया गया। ये कैसा महिला सम्मान है। ये हिंदुत्व भी नहीं है। 

शिवसेना साल 1966 से यहां दशहरा रैली कर रही है, लेकिन इस बार की रैली खास है। इस बार शिवसेना के अधिकार की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के बीच चल रही है। शिवाजी पार्क में रैली की लड़ाई भी हाईकोर्ट पहुंची थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद उद्धव ठाकरे गुट को शिवाजी पार्क में रैली की इजाजत मिली थी। 

बॉम्बे हाईकोर्ट ने उद्धव गुट को परमिशन देते हुए कुछ हिदायतें भी दी थीं। कोर्ट ने कहा था- उद्धव गुट को रैली की तैयारियों के लिए 2 से 6 अक्टूबर तक शिवाजी मैदान BMC (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) देगा। आयोजन की वीडियो रिकॉडिंग की जाएगी। कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसकी जिम्मेदारी याचिकाकर्ता (उद्धव गुट) की होगी।  

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