हेल्थ इंश्योरेंस में समय सीमा का महत्व, जानिए कैसे महंगे बिल से मिलेगा छुटकारा 

मुंबई- महंगे होते चिकित्सा के खर्च और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने के मद्देनजर हेल्थ इंश्योरेंस अर्थात स्वास्थ्य बीमा की पॉलिसी खरीदना एक जरूरत बन गई है। एक ठीक ठाक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम जरूरत के समय में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है और यह सुनिश्चित करती है कि किसी व्यक्ति को जरूरत पड़े तो मेडिकल बिलों का भुगतान करने में उसकी जिंदगी भर की कमाई न चली जाए। आज हेल्थ इंश्योरेंस के कान्ट्रैक्ट सरल बन गए हैं, जो ग्राहकों को पॉलिसी को बेहतर ढंग से समझने में सक्षम बनाता है। हालाँकि कभी-कभी किसी को कुछ शब्द थोड़े भ्रमित करने वाले लग सकते हैं। आइए हम एक स्टैण्डर्ड पॉलिसी में उपयोग किए जाने वाले कुछ प्रमुख शब्दों पर गौर कर पॉलिसी डॉक्युमेंट्स की स्पष्ट समझ प्राप्त करें। 

यदि आप सोच रहे हैं कि यदि पॉलिसी खरीदने के बाद भी आपको उपयुक्त कवरेज न मिले तो क्या हो सकता है? क्या इसका मतलब यह है कि आप फंस गए हैं? तो चिंता न करें। आप फ्री लुक पीरियड की मदद से पॉलिसी रद्द कर सकते हैं और अपने प्रीमियम का रिफंड प्राप्त कर सकते हैं।  

आईआरडीएआई के तहत अनिवार्य रूप से 15 दिनों की फ्री लुक अवधि पॉलिसी दस्तावेज प्राप्त करने की तारीख से शुरू होती है। पॉलिसी की प्रति प्राप्त करने के बाद आपको पॉलिसी कवरेज, नियम और शर्तों को विस्तार से पढ़ना चाहिए ताकि आप स्पष्ट रूप से जान सकें कि आपके पास कितना कवरेज है। यदि आपको पता चलता है कि पॉलिसी आपकी आवश्यकता को पूरा नहीं करती है, तो आपके पास खुद को बचाने के लिए एक फ्री लुक पीरियड है। 

कूलिंग-ऑफ अवधि को लोकप्रिय रूप से प्रारंभिक प्रतीक्षा अवधि (initial waiting period) के रूप में भी जाना जाता है। यह वह समय है जब आपको अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की बेनिफिट्स का लाभ उठाना शुरू करने से पहले सर्व करनी चाहिए। कूलिंग-ऑफ पीरियड आमतौर पर 30 दिन की होती है। हालांकि यह अलग अलग बीमा कंपनी में अलग अलग हो सकती है। इस समय सीमा के दौरान, बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर कोई भी कवर नहीं किया जाएगा। कई बार जब कोई व्यक्ति क्लेम फाइल करता है, तो पॉलिसी लेने के तुरंत बाद, क्लेम को केवल इसलिए खारिज कर दिया जा सकता है क्योंकि वह व्यक्ति अभी भी कूलिंग-ऑफ पीरियड सर्व कर रहा है। हालांकि यह जानना महत्वपूर्ण है कि यह प्रावधान दुर्घटना की स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने पर लागू नहीं होता है, जो पॉलिसी के पहले दिन से कवर की जाती है। 

हेल्थ इंश्योरेंस में प्रतीक्षा अवधि अर्थात वेटिंग पीरियड पॉलिसी में पूर्व-निर्धारित समय को बताता है जिसके दौरान उस बीमारी या स्थिति के लिए दावा नहीं किया जा सकता है। यह अवधि तब शुरू होती है जब बीमा कवर शुरू होता है और यह बीमाकर्ता से बीमाकर्ता और एक बीमारी से दूसरी बीमारी में अलग अलग होती है। आमतौर पर, पॉलिसियों में पहले से मौजूद बीमारियों, मटर्निटी और कुछ खास हेल्थ कंडीशन या बीमारियों के लिए प्रतीक्षा अवधि होती है। विशेष स्वास्थ्य स्थिति के लिए लाभ प्राप्त करने से पहले पॉलिसी के लिए आपको संबंधित वेटिंग पीरियड सर्व करने की आवश्यकता हो सकती है। पॉलिसी के शब्दों में कहे गए स्टैंडर्ड वेटिंग पीरियड के अलावा, बीमा कंपनी प्रपोजल फॉर्म में की गई डेक्लरेशन के आधार पर अतिरिक्त प्रतीक्षा अवधि के साथ पॉलिसी को अंडरराइट करने का निर्णय ले सकती है। 

पहले से मौजूद बीमारियां (पीईडी): यह उस बीमारी के बारे में है जिसका बीमा कवर खरीदने से पहले आपको 48 महीने तक पता चला हो। उदाहरण के लिए थायराइड, डायबीटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियां पीईडी का हिस्सा हैं। पीईडी के लिए प्रतीक्षा अवधि आम तौर पर 1 से 4 वर्ष तक होती है। मैटरनिटी बेनिफिट: हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों में मैटरनिटी कवर की प्रतीक्षा अवधि आमतौर पर 9 महीने से 6 साल तक होती है। इसका तात्पर्य यह है कि आप पॉलिसी के अनुसार पूर्व-निर्धारित अवधि को पूरा करने के बाद मातृत्व से संबंधित खर्चों के लिए क्लेम फाइल कर सकते हैं। 

विशेष रोग से संबंधित: जैसा कि नाम से पता चलता है पॉलिसी में कुछ बीमारियों के लिए प्रतीक्षा अवधि होती है, जो 2 वर्ष से 4 वर्ष तक हो सकती है। बीमा पॉलिसी में संबंधित प्रतीक्षा अवधि के साथ बीमारियों की लिस्ट का स्पष्ट रूप से उल्लेख होता है। बाद में किसी भी ऊहापोह की स्थिति से बचने के लिए वेटिंग पीरियड क्लाज के बारे में स्पष्ट होने के लिए पॉलिसी के नियमों और शर्तों को विस्तार से पढ़ लेना समझदारी है। 

क्या आपका हेल्थ इंश्योरेंस रिन्यू न करने का विचार आपको परेशान करता है? क्या आपने कभी खुद के बारे में सोचा है कि अगर आप अपनी पॉलिसी को समय पर रिन्यू करना भूल जाते हैं तो क्या होगा? अगर ये सवाल आपको परेशान करते हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि ज्यादातर बीमा कंपनियां 30 दिनों का ‘ग्रेस पीरियड’ ऑफर करती हैं। यह 30 दिन का विंडो आपको अपनी पॉलिसी के समाप्त होने के बाद, वेटिंग पीरियड, क्यूम्यलेटिव बोनस आदि जैसे सभी लाभों को खोए बिना, अपनी पॉलिसी को रिन्यू करने का अवसर प्रदान करती है। कृपया ध्यान दें कि आपकी पॉलिसी को समय पर रिन्यू करने की सलाह दी जाती है, ताकि समय रहते किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। फिर भी, यदि गलती से आप रिनीवल से चूक गए हैं, तो यह देखते हुए कि ब्रेक-इन अवधि के दौरान कोई दावा नहीं किया गया है, ग्रेस पीरियड में पॉलिसी की अवधि के दौरान लाभों को बनाए रखने में आपकी मदद कर सकती है। 

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