दो जगह नौकरी करने पर विप्रो ने 300 कर्मचारियों को कंपनी से निकाला 

मुंबई- दो जगह नौकरी करने पर विप्रो ने मूनलाइटिंग में शामिल 300 कर्मचारियों को बुधवार को नौकरी से निकाल दिया। विप्रो ने मूनलाइटिंग को लेकर कुछ दिन पहले ही चेतावनी जारी की थी। मूनलाइटिंग का मतलब है एक समय में एक से ज्यादा काम करना। अभी ज्यादातर कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम चल रहा है। इससे कई कर्मचारी इस तरह का काम कर रहे हैं। 

कंपनी ने कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में कहा है कि दो जगहों पर काम करने या ‘मूनलाइटिंग’ की अनुमति नहीं है। अनुबंध के किसी भी उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगा तथा नौकरी से निकाला भी सकता है। इन्फोसिस ने ‘नो डबल लाइव्स’ नाम से कर्मचारियों को भेजे इंटरनल मेल में कर्मचारी पुस्तिका और आचार संहिता का भी हवाला दिया है। 

आम तौर पर लोग बिना कंपनी को जानकारी दिए किसी दूसरे प्रोजेक्ट पर काम करते हैं। यही वजह है किए कंपनियां इसे गंभीरता से ले रही हैं। आईटी उद्योग के दिग्गज और इंफोसिस के पूर्व निदेशक मोहनदास पई ने हाल ही में कहा था कि प्रौद्योगिकी उद्योग में शुरुआती दौर में कम वेतन होना मूनलाइटिंग की एक वजह है। 

कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को ई-मेल में कहा है कि कर्मचारी नियमों के मुताबिक मूनलाइटिंग की अनुमति नहीं होगी और इसका उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत नौकरी से भी निकाला जा सकता है। विप्रो के चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने भी मूनलाइटिंग का विरोध करते हुए इसे धोखेबाज़ी बताया था। उन्होंने ट्वीट करके कहा था कि टेक इंडस्ट्री में लोगों के मूनलाइटिंग करने की काफ़ी चर्चा है। ये साफ़तौर पर धोखेबाज़ी है। 

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