गैंग रेप का राज्य बनता जा रहा है यूपी, बरेली और मुरादाबाद में फिर गैंगरेप 

मुंबई- उत्तर प्रदेश के बरेली में गर्भवती महिला से गैंगरेप का मामला सामने आया है। रेप के दौरान महिला का गर्भपात हो गया। पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परिवार वाले परेशान होते रहे। 

मंगलवार को पीड़ित की सास एक डिब्बे में भ्रूण लेकर SSP के पास पहुंच गई। बोली- इंसाफ कीजिए साहब। उसने बताया कि पुलिस कार्रवाई ही नहीं कर रही है। यह घटना 13 सितंबर को बिशारतगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई। 

सास ने बताया, बहू किसी काम से खेत में गई थी। जब वहां से आ रही थी, तभी गांव के नन्हे, आधार और अजय ने उसे पकड़ लिया। वह चिल्लाई तो उससे कहा कि जान से मार देंगे। इसके बाद सभी ने उसके साथ रेप किया। इससे बहू बेहोश हो गई। तीनों उसे छोड़कर भाग गए। जब काफी देर तक पीड़िता घर नहीं पहुंची, तब उसे खोजते हुए हम लोग खेत आए। वहां बहू बेहोश मिली। उसे अस्पताल ले गए। बहू से पहले से तीन माह की गर्भवती थी। वारदात की वजह से तीन माह का भ्रूण भी गिर गया।  

परिवार ने 16 सितंबर को बिशारतगंज पुलिस को शिकायत की। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस वालों ने कहा कि इतने दिन बाद क्यों आई हो। साथ ही पुलिस कह रही थी कि ये मारपीट का मामला है। हालांकि, बाद में SSP के कहने पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। 

उधर, दूसरे मामले में मुरादाबाद में एक नाबालिग का गैंगरेप के बाद बिना कपड़ों के सड़क पर भागने का मामला सामने आया है। मेला देखने गई लड़की को अगवा करके पांच लड़कों ने गैंगरेप किया। फिर उसे बिना कपड़ों के ही सड़क पर छोड़ दिया। किशोरी किसी तरह घर पहुंची। घटना 1 सितंबर की है। भोजपुर थाना पुलिस ने 7 सितंबर को केस दर्ज किया। 

घटना के 19 दिन बाद मंगलवार को लड़की का न्यूड भागते हुए वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक आरोपी नौशे अली को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि 15 साल की लड़की एक सितंबर की शाम 7 बजे दोस्तों के साथ गांव के पास मेले में गई थी। रात 8 बजे जब वह लौट रही थी, तो पास के गांव के 5 युवकों ने उसे अगवा कर लिया। ये पांचों 2 बाइक पर थे। नाबालिग को सैदपुर खद्दर के जंगल में ले गए और वहां सभी ने उसके साथ गैंगरेप किया। उसके बाद बिना कपड़ों के उसे वहां से भगा दिया। 

लड़की छिपती हुई किसी तरह घर पहुंची। सड़क पर आते-जाते कई लोगों ने उसे देखा, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। लड़की घर पहुंची और बड़ी बहन को घटना के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पीड़ित की बहन अपने फूफा के साथ थाने पहुंची। 

लड़की के घर वालों ने बताया कि जब वे शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो उन्हें पुलिस ने मामले में कार्रवाई करने की बात कहकर घर जाने के लिए बोल दिया। 6 दिन इंतजार करने के बाद पीड़ित 6 सितंबर को SSP हेमंत कुटियाल से मिले। SSP के निर्देश पर 7 सितंबर को केस दर्ज हुआ। 

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