आरबीआई ने दी चेतावनी, नियमों का पालन करें कर्ज देने वाले एप 

मुंबई। उधार देने वाले एप्स और फिनटेक कंपनियों को आरबीआई ने चेतावनी दी है। कुकुरमुत्तों की तरह उग रहे एप और उनकी अत्यधिक ब्याज वसूली पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि हम ऐसे ऑपरेटरों को दंडित करने या उनके नवाचार को दबाने में दिलचस्पी नहीं रखते हैं। लेकिन यह जरूर चाहते हैं कि वे नियमों का कडाई से पालन करें।  

मुंबई में एक कार्यक्रम में दास ने कहा, केंद्रीय बैंक का इरादा यह सुनिश्चित करना है कि हर कोई नियम का पालन करे। उनका यह बयान हाल की उन घटनाओं के मद्देनजर आया है जिसमें इन एप्स के जरिये उधारी लेने वाले कुछ लोगों ने आत्महत्य कर ली थी। पिछले हफ्ते ही झारखंड के हजारीबाग में एक गर्भवती महिला को महिंद्रा फाईनेंस के वसूली एजेंटों ने कुचल कर मार दिया था। 

पिछले दो वर्षों में केंद्रीय बैंक ने अपने नियमों में कई तरह का बदलाव किया है। इसने कर्ज देने वाले एप पर यह नियम लागू कर दिया है कि वे किस एनबीएफसी या बैंक के साथ जुड़े हैं। साथ ही बैंकों के लिए भी यह खुलासा करना जरूरी है। हाल में इन एप के लिए जारी निर्देशों में आरबीआई ने कई सारे नियम पेश किए हैं। हालांकि किसी तरह के दंड का प्रावधान न होने के बारे में गवर्नर ने कहा कि, हमारा इरादा किसी को दंडित करना या इनकी गतिविधियों को रोकना नहीं है। 

आरबीआई लगातार डिजिटल को सपोर्ट करता रहेगा और इनका स्वागत करेगा। हकीकत में, अगर कोई डिजिटल में एक कदम आगे बढ़ाता है तो आरबीआई दो कदम आगे बढ़ाएगा। लेकिन खोजपरख एक जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। दास ने कहा, मजबूत आंतरिक उत्पाद और सेवा के साथ पारदर्शी शासन और ग्राहकों के हितों की रक्षा हमारा उद्देश्य है। फिनटेक संस्थाओं की लंबे समय में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना होगा। 

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