बाबा रामदेव और अदाणी के बीच होगी टक्कर, जानिए क्यों मचा है घमासान

मुंबई- दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी बन चुके अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। इस चुनौती का नाम है बाबा रामदेव। योगगुरु बाबा रामदेव ने शुक्रवार को अपने कारोबार को लेकर बड़ा ऐलान किया है। पंतजलि ग्रुप अगले चार से पांच साल के दौरान अपनी चार कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट कराने जा रही है. साथ ही कंपनी अपना कारोबार भी ढाई गुना बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

पतंजलि ग्रुप का मुख्य फोकस खाद्य तेल कारोबार पर है। जहां अभी अडानी विल्मर का दबदबा है. भारत के खाद्य तेल बाजार में अडानी विल्मर की हिस्सेदारी करीब 19 फीसदी है, जबकि पतंजलि फूड्स की हिस्सेदारी करीब 8 फीसदी है। खाद्य तेल बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए पतंजलि समूह पाम ऑयल के मामले में आत्मनिर्भर बनेगी. इसके लिए पतंजलि समूह 15 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन में पाम के पेड़ लगाएगी. ये पेड़ 11 राज्यों के 55 जिलों में लगाए जाएंगे. पतंजलि का दावा है कि किसी कंपनी द्वारा यह भारत में सबसे बड़ी पाम की खेती होगी।

इतना ही नहीं, पतंजलि समूह भी अडानी ग्रुप की तरह अपनी ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट कराएगी। अभी पतंजलि फूड्स अकेली लिस्टेड कंपनी है. बाबा रामदेव का प्लान अब ग्रुप की 4 अन्य कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट कराने का है. ये चार कंपनियां हैं पतंजलि आयुर्वेद, पतंजलि मेडिसिन, पतंजलि लाइफस्टाइल और पतंजलि वेलनेस। बाबा ने बताया कि पतंजलि समूह का कारोबार अगले पांच से सात साल में ढाई गुना होकर एक लाख करोड़ रुपए पर पहुंच जाएगा. इतना ही नहीं समूह आगामी वर्षों में पांच लाख लोगों को रोजगार भी देगा।

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