अडाणी अब नुवोको विस्टा और इंडिया सीमेंट को भी खरीदने की तैयारी में 

मुंबई-गौतम अडाणी सीमेंट कारोबार में नंबर-1 बनना चाहते हैं। अडाणी की यह मंशा अंबुजा और ACC के अधिग्रहण के बाद स्पष्ट हो गई है। अब खबर आ रही है कि अंबुजा और ACC के बाद अडाणी इंडिया सीमेंट और नुवोको विस्टास का भी अधिग्रहण कर सकते हैं।

इस खबर के सामने आने के बाद सोमवार को नुवोको विस्टास और इंडिया सीमेंट दोनों के शेयरों में 10% से ज्यादा की तेजी आई। नुवोको विस्टास 13.42% यानी 53.95 रुपए की बढ़त के साथ 456 रुपए पर बंद हुआ। वहीं इंडिया सीमेंट 10.00% यानी 26.60 रुपए बढ़कर 292.70 रुपए पर बंद हुआ।

इंडस्ट्री पर नजर रखने वालों का मानना है कि अडाणी का इरादा ज्यादा से ज्यादा सीमेंट असेट्स का अधिग्रहण करने का है। विशेष रूप से वे छोटी कंपनियों का अधिग्रहण करना चाहते हैं, जिनका स्ट्रक्चर कॉस्ट और मार्केट शेयर कम हो।

अधिग्रहण के साथ ही अंबुजा सीमेंट्स के बोर्ड ने अडाणी ग्रुप की प्रमोटर एंटिटी को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के कन्वर्टिबल वारंट्स को भी मंजूरी दे दी थी। इसके जरिए ग्रुप अतिरिक्त 20 हजार करोड़ रुपए इन्वेस्ट करेगा। ग्रुप इस इन्वेस्ट से सीमेंट प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाएगा, जिससे उसका 2030 तक भारत की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी बनने का लक्ष्य पूरा हो सके। साथ ही ग्रुप कई सीमेंट असेट्स का अधिग्रहण भी करेगा।

सीमेंट प्रोडक्शन के मामले में अल्ट्राटेक 120 मिलियन टन प्रति वर्ष (mtpa) कैपेसिटी के साथ टॉप पोजिशन पर है। जबकि, अंबुजा-ACC दोनों कंपनियों की टोटल सीमेंट प्रोडक्शन कैपेसिटी 70 mtpa है। अडाणी ग्रुप अब ज्यादा से ज्यादा निवेश कर इन दोनों कंपनियों की सीमेंट प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाएगा।

गौतम अडाणी ने 2 दिन पहले (16 सितंबर) अंबुजा और ACC का अधिग्रहण पूरा किया था। अडाणी ग्रुप ने अंबुजा और ACC सीमेंट का 6.5 अरब डॉलर यानी 51.79 हजार करोड़ में यह टेकओवर किया। इस टेकओवर के साथ ही अडानी ग्रुप देश का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट मैन्युफैक्चरर बन गया है। सीमेंट प्रोडक्शन के मामले में आदित्य बिड़ला ग्रुप का अल्ट्राटेक सीमेंट पहले नंबर पर है।

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