धान की खेती 4.52 फीसदी घटकर 3.99 करोड़ हेक्टेयर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में ज्यादा असर

नई दिल्ली। देश के कुछ राज्यों में फिर से बारिश शुरू होने के कारण धान की बुवाई में 4.52 फीसदी की कमी आई है और यह 3.99 करोड़ हेक्टेयर रह गई है। एक साल पहले 4.17 करोड़ हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। हालांकि, झारखंड में इस पर बुरा असर देखा गया है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, खरीफ सीजन में धान की बुवाई झारखंड में आधी होकर 8.25 लाख हेक्टेयर रह गई जो एक साल पहले 17.62 लाख हेक्टेयर थी। धान मुख्य फसल है, जिसकी बुवाई जून से दक्षिण पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ होती है। हालांकि अब बुवाई समापन की ओर है, क्योंकि अक्तूबर अंत से इसकी कटाई भी शुरू हो जाती है।

भारत के कुल उत्पादन का लगभग 80 फीसदी हिस्सा इसी मौसम से आता है। सरकार ने पिछले हफ्ते बुवाई के आधार पर कहा था कि चावल का उत्पादन 60-70 लाख हेक्टेयर इस बार घट सकता है। 12 अगस्त तक धान की बुवाई में 12.39 फीसदी की कमी आई थी। उत्तर प्रदेश में बुवाई 60.26 लाख हेक्टेयर से कम होकर 57.78 लाख हेक्टेयर रह गई है।

पश्चिमी बंगाल में इस साल धान की बुवाई 38.52 लाख हेक्टेयर रही जो एक साल पहले 42.17 लाख हेक्टेयर थी। इसी तरह से ओड़ीसा में बुवाई 35.13 लाख हेक्टेयर से घटकर 34.99 लाख हेक्टेयर और बिहार में 32.64 लाख से घटकर 30.67 लाख हेक्टेयर रह गई है।

इसी तरह दाल की भी खेती 137.50 लाख हेक्टेयर से घटकर 131.92 लाख हेक्टेयर रह गई है। गन्ने की खेती 54.97 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 55.65 लाख हेक्टेयर हो गई है। कपास की खेती 118.24 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 127.15 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गई है। खरीफ के कुल फसलों की खेती एक साल पहले के 11.91 करोड़ हेक्टेयर से घटकर 10.92 करोड़ हेक्टेयर रह गई है।

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