मोबाइल फोन फटने से बच्ची की मौत, तकिया के नीचे रखा था फोन 

मुंबई- मोबाइल को हम तकिए के नीचे रखकर सोते है। ऐसा एक या दो दिन नहीं होता, डेली ही ऐसा करते हैं क्योंकि हमें इसकी आदत हो गई है। एक ट्वीट से जानकारी मिली कि मेरी मौसी जब सो रही थी, तो उन्होंने फोन को अपने चेहरे के पास तकिए पर रखा था। अचानक उनका रेडमी 6A फोन ब्लास्ट हो गया। यह हमारे लिए बुरा समय है। यह मामला दिल्ली-NCR का बताया जा रहा है। 

उत्तर प्रदेश के बरेली से एक दूसरा मामला भी 13 सितंबर को सामने आया। परिवार वालों के अनुसार मोबाइल चार्ज में लगने के बाद ज्यादा हीट हुआ और फट गया। उससे निकली चिंगारी से बगल में बैठी 8 माह की बच्ची झुलस गई और उसकी मौत हो गई। 

बैटरी की वजह से ज्यादातर मोबाइल फोन फटते हैं। बैटरी के फटने का सबसे बड़ा कारण हीट यानी गर्मी है। अब आप सोच रहे होंगे कि बैटरी गर्म होने का रिलेशन मौसम से है, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। दरअसल, किसी भी कारण से अगर बैटरी का तापमान बढ़ता है और बैटरी ज्यादा गर्म होती है, तब फोन फटने के चांस होते हैं। 

ध्यान देने वाली बात- जब बैटरी का कोई हिस्सा किसी कारण से बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है और जल्दी ठंडा नहीं हो पाता है। तब बैटरी के फटने की संभावना ज्यादा होती है। अच्छे फोन में बैटरी को ठंडा करने के इंतजाम होते हैं, लेकिन सभी फोन में नहीं। 

चार्जिंग के समय मोबाइल के आसपास रेडिएशन हाई रहता है। इस कारण बैटरी गर्म हो जाती है। इसलिए यह चार्जिंग के वक्त बात करने पर ब्लास्ट हो सकती है। ग्राहकों की गलतियों की वजह से भी बैटरी ओवरहीट होकर फट जाती है। बैटरी के सेल डेड होते रहते हैं, जिससे फोन के अंदर के केमिकल में चेंजेस होते हैं और बैटरी फट जाती है। 

मोबाइल में लगी एक बैटरी में कई तरह की लेयर होती है। कई बार इन बैटरी के लेयर टूट जाते है या इनमें गैप हो जाता है तो बैटरी फूल जाती है। इसके बाद शॉर्ट सर्किट होकर वो फट सकती है। 

आजकल ज्यादातर मोबाइल हाई-एंड प्रोसेसर वाले होते हैं, जो ज्यादा गर्म होते है प्रोसेसर बैटरी के पास लगा होता है, जब फोन पर ज्यादा लोड पड़ता है, तो प्रोसेसर गर्म होता है। प्रोसेसर गर्म होकर बैटरी को भी गर्म कर देता है, इसके बाद मोबाइल फटने की संभावना बढ़ जाती है। 

हीट सिंक प्रोसेसर में पैदा हुई हीट को बैटरी से दूर रखता है और फोन को जल्दी ठंडा कर देता है। जिस मोबाइल फोन पर हीट सिंक नहीं होता, उनमें आग लगने की संभावना ज्यादा होती है। बैटरी, शॉर्ट सर्किट और प्रोसेसर के अलावा हार्डवेयर की दिक्कत के चलते भी फोन ब्लास्ट हो सकता है। इसलिए फोन में कोई भी गड़बड़ी नजर आए, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं।  

बैटरी फूल जाए, तो तुरंत बदलवाएं। मोबाइल गिर जाए या टूट जाए, तो बैटरी में लीकेज की समस्या आ जाती है, जिससे वो फूलती है और आग पकड़ने का खतरा रहता है। डुप्लीकेट बैटरी या चार्जर का उपयोग न करें। मोबाइल की कोई सिक्योरिटी अपडेट आई हो तो जल्द से जल्द उसे इंस्टॉल करें। 

Leave a Reply

Your email address will not be published.