अब भैंस का भी बनेगा आधार कार्ड, जानिए क्या कहा प्रधानमंत्री ने  

मुंबई- आधार कार्ड के जरिए ढेर सारे काम आसान हो गए हैं। इससे कई तरह के फर्जीवाड़े पर भी रोक लगी है। इसकी इसी सफलता से उत्साहित होकर सरकार जानवरों का भी आधार कार्ड बनवाएगी। इसके लिए तैयारी शुरू हो चुकी है। 

पीएम नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय डेयरी सम्मेलन में इस बात की चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि भारत के डेयरी सेक्टर का जितना बड़ा स्केल है, उसे साइंस के साथ जोड़कर और विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत, डेयरी पशुओं का सबसे बड़ा डेटाबेस तैयार कर रहा है। डेयरी सेक्टर से जुड़े हर पशु की टैगिंग हो रही है। 

आपको पता ही होगा कि आधार कार्ड बनवाने में बायोमीट्रिक पहचान ली जाती है। मतलब कि अंगुलियों के निशान, आंखों की पुतलियां आदि को वैज्ञानिक तरीके से कैप्चर किया जाता है। पीएम मोदी ने बताया कि अब आधुनिक टेक्नोल़ॉजी की मदद से पशुओं की बायोमीट्रिक पहचान की जा रही है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया जानवरों की जो बायोमीट्रिक पहचान की जा रही है, उसका नाम दिया गया है- पशु आधार। पशु आधार के जरिए पशुओं की की जा रही है। सरकार का कहना है कि इससे जानवरों की सेहत पर नजर रखने के साथ-साथ डेयरी प्रॉडक्ट्स से जुड़े मार्केट को विस्तार देने में मदद मिलेगी। 

पीएम मोदी ने बताया कि बन्नी भैंस रात में 15-15 से लेकर 17-17 किलोमीटर तक दूर घास चरने जाती है। उन्होंने कहा कि इतनी दूर जाकर घास चरने के बाद भी बन्नी भैंस सुबह अपने आप खुद घर चाली आती है। पीएम ने कहा कि ऐसा बहुत कम सुनने में आता है कि किसी की बन्नी भैंस खो गई हो या गलत घर में चली गई हो। 

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