अवैध लोन एप पर लगाम, अब गूगल प्ले में इस पर लगेगी रोक 

मुंबई- देश के अवैध लोन ऐप की बढ़ती संख्या और इसके माध्यम से हो रही धोखाधड़ी पर नकेल कसने के मकसद से सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में हुई बैठक में केंद्रीय रिजर्व बैंक से एक सूची तैयार करने को कहा है। रिजर्व बैंक वैध लोन ऐप्स की सूची तैयार करेगा तो वहीं इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सूची में उपलब्ध ऐप की ही ऐप स्टोरों पर उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। 

बता दें कि अधिकांश डिजिटल लोन देने वाले ऐप केंद्रीय बैंक के साथ रजिस्टर्ड नहीं हैं और स्वयं संचालित होते हैं। डिजिटल लेंडिंग ऐप के कुछ ऑपरेटरों द्वारा उत्पीड़न के कारण कर्ज लेने वालों की कथित आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं। आरबीआई उन खातों की भी निगरानी करेगा जिनका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा सकता है और उनके दुरुपयोग से बचने के लिए निष्क्रिय एनबीएफसी की समीक्षा/रद्द कर सकता है।  

केंद्रीय बैंक यह भी सुनिश्चित करेगा कि भुगतान एग्रीगेटर्स का पंजीकरण एक समय सीमा के भीतर पूरा हो जाए और उसके बाद किसी भी अन-रजिस्टर्ड भुगतान एग्रीगेटर को काम करने की अनुमति नहीं दी जाए। ऐसे अवैध ऐप्स के प्रसार को रोकने के उपायों के तहत कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय (एमसीए) शेल कंपनियों की पहचान करेगा और उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए उनका रजिस्ट्रेशन रद्द करेगा।  

इसके अलावा, इन ऐप्स के बारे में ग्राहकों, बैंक कर्मचारियों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य हितधारकों के बीच साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। सभी मंत्रालयों या एजेंसियों को ऐसे ऐप्स के संचालन को रोकने के लिए हर संभव कार्रवाई करने को कहा गया है। 

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