ऐसे कम करें अपने वाहनों के बीमा का प्रीमियम, जानिए क्या है तरीका 

मुंबई- आज के दौर में जनरल इंश्योरेंस इंडस्ट्री दिलचस्प दौर से गुजर रहा है। बीमा कम्पनियाँ अपने ग्राहकों को बिना किसी झंझट के समाधान (seamless solutions) और बेहतर उत्पाद तथा सेवाएं देने के लिए उन्नत तकनीकों और विश्लेषणों (analytics) का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रही हैं। वे दिन गए जब एक ही ट्रेडिशनल प्रोडक्ट बीमा इंडस्ट्री में बेचे जाते थे। आज बीमाकर्ता ऐसे अनुकूलित उत्पाद (customized products) डिजाइन कर रहे हैं जो उनके ग्राहकों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। इनोवेटिव प्रोडक्टस और सर्विसेज़ की इस श्रृंखला के अनुरूप, बीमा इंडस्ट्री मोटर बीमा के लिए ‘पे एज़ यू कंज्यूम’ (PAYC) नामक एक अनूठी विशेषता लेकर आया है। यानि कि आप उतने का ही पेमेंट करें जितना आप यूज करते हैं। PAYC मॉडल पहले से ही कई विकसित देशों में प्रचलित है,पर यह भारतीय बाजार में एक नई अवधारणा है। 

PAYC एक ऐड-ऑन कवर है जिसे आप अपनी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी के ओन डैमेज सेक्शन के तहत खरीद सकते हैं। PAYC ग्राहक की पसंद और वाहन के उपयोग के आधार पर कवरेज चुनने की स्वतंत्रता देता है। इसके प्रीमियम की गणना उसकी दूरी और बीमाधारक द्वारा चुने गए कवरेज के अनुसार की जाती है। आपके पास बीमाकर्ता द्वारा दिए गए विभिन्न स्लैब को चुनने का विकल्प होता है। ये स्लैब अलग अलग बीमा कंपनियों में अलग अलग होते हैं. आप सोच रहे होंगे कि यदि आप इस पूर्व-घोषित यूसेज लिमिट को पार कर जाते हैं तो क्या होगा? तो भी इस परिस्थिति में चिंता का कोई कारण नहीं है। आप ऊंचे किलोमीटर स्लैब में जाकर बस अपने प्लान को टॉप-अप कर सकते हैं।  

चूंकि प्रत्येक ग्राहक की उसके वाहन द्वारा तय की गई दूरी अलग-अलग होती है, इसलिए PAYC पारंपरिक बीमा प्रीमियम के विपरीत, उस विशेष वाहन से तय की गई दूरी के आधार पर प्रीमियम लेता है। हालांकि परंपरागत रूप से प्रीमियम की गणना कार की मेकिंग और मॉडल, उसकी आयु, बीमित घोषित मूल्य और स्थान के आधार पर की जाती है, पर PAYC मॉडल तय की गई दूरी के आधार पर भी प्रीमियम की गणना करता है. सीधे शब्दों में कहें तो PAYC आपकी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार कवरेज को तैयार करने में आपकी मदद करता है।

PAYC मॉडल में टेलीमैटिक्स डिवाइस का उपयोग इसकी बुनियाद है. टेलीमैटिक्स डिवाइस डेटा को हासिल करने, उसे स्टोर करने और भेजने के लिए सूचना विज्ञान (informatics), उन्नत विश्लेषण (advanced analytics) और दूरसंचार (telecommunications) का उपयोग करता है। बीमाकर्ता वाहन में एक टेलीमैटिक्स उपकरण स्थापित करते हैं। डिवाइस को आमतौर पर कार के ऑन-बोर्ड डायग्नोस्टिक्स (OBD-II) पोर्ट में प्लग किया जाता है. यह उपकरण वाहन द्वारा तय की गई दूरी पर नजर रखता है और यह बैलेंस या शेष दूरी को भी दर्शाता है। ऐसे उपकरण विभिन्न ड्राइविंग मेट्रिक्स के माध्यम से उपयोगकर्ता के ड्राइविंग व्यवहार को भी ट्रैक करते हैं।  

टेलीमैटिक्स डिवाइस के उपयोग के अलावा, ऐप-आधारित टेलीमैटिक्स का भी उपयोग किया जाता है। गाड़ी की गति और ब्रेक जैसी ड्राइविंग जानकारी को पकड़ने के लिए उन्नत विश्लेषण (advanced analytics) का उपयोग किया जाता है। सतर्क और सावधान ड्राइवरों को उनके सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार के लिए प्रीमियम में छूट देकर उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है। आप जितना बेहतर ड्राइव करेंगे, आपको उतनी ही अधिक छूट मिलेगी। टेलीमैटिक्स उपकरणों का उपयोग सुरक्षित ड्राइविंग को भी प्रोत्साहित करता है, क्योंकि इससे आपको अपने ड्राइविंग व्यवहार पर नजर रखने में मदद मिलती है.

‘जितना उपयोग करो, उतना ‘भुगतान करो’ की अवधारणा उन लोगों के लिए आदर्श है जो लंबी दूरी तय करने के लिए अपने वाहनों का उपयोग केवल एक बार करते हैं। यह उन लोगों के लिए भी उपयुक्त है जिनके पास एक से अधिक वाहन हैं और उनका समान रूप से उपयोग नहीं करते हैं। यह उन लोगों के लिए बहुत उपयुक्त है जो अपने वाहन की तुलना में सार्वजनिक परिवहन के माध्यम (बस। ट्रेन आदि) से अधिक आते जाते हैं. यह उन लोगों के लिए भी काफी मुफीद है जो रोजाना आने जाने के लिए कार पूल का उपयोग करते हैं.

तो, अब जबकि आप जान गए हैं कि PAYC कैसे बेहतरीन फ्लेक्सिबिलिटी और अनुकूलता प्रदान करता है और यह कैसे आपके मोटर बीमा प्रीमियम को कम करने में मदद करता है, और यह भी जान गए हैं कि यह आपकी आवश्यकता का कैसे मूल्यांकन करता है तो बेशक आप इस नई सुविधा को आज़मा सकते हैं। अब आप फ्लेक्सबल मोटर बीमा कवर से बस कुछ ही क्लिक दूर हैं! 

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