10 साल में भारत दुनिया में बीमा का छठां सबसे बड़ा बाजार बनेगा 

मुंबई- भारत अगले 10 साल में दुनिया का छठा सबसे बड़ा बीमा बाजार बन जाएगा। एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वृद्धि को नियामकीय पहल और तेज आर्थिक वृद्धि से समर्थन मिलेगा। स्विट्जरलैंड स्थित प्रमुख पुनर्बीमा कंपनी स्विस रे ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत में कुल बीमा प्रीमियम अगले दशक में मौजूदा मूल्य पर स्थानीय मुद्रा में औसतन 14 फीसदी सालाना की दर से बढ़ेगा. साल 2032 तक कुल प्रीमियम मात्रा के मामले में भारत छठा सबसे बड़ा बीमा बाजार बन जाएगा. 2021 में यह 10वें स्थान पर मौजूद था। 

रिपोर्ट में भारतीय जीवन बीमा उद्योग के संबंध में कहा गया है कि यह इस साल 6.6 फीसदी (वास्तविक रूप में) की असाधारण दर से बढ़ेगा और 2023 में 7.1 फीसदी की दर से आगे बढ़ेगा। इसमें कहा गया है कि अनुमानित वृद्धि दर को ध्यान में रखते हुए भारत में जीवन बीमा प्रीमियम 2022 में पहली बार 100 अरब डॉलर को पार करने के लिए तैयार है।  

रिपोर्ट में साधारण बीमा बाजार के संबंध में कहा गया है कि यह साल 2020 में मामूली गिरावट के बाद 2021 में 5.8 फीसदी की वृद्धि पर लौट आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल ऊंची मुद्रास्फीति की वजह से वृद्धि थोड़ी सुस्त पड़कर 4.5 फीसदी रह जाएगी। हालांकि, इस क्षेत्र के 2023 और 2032 के बीच आठ फीसदी की सालाना की दर से बढ़ने की उम्मीद है।  

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था मुद्रास्फीति की वजह से मंदी के कगार पर है। स्विस रे को उम्मीद है कि इस साल भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था रहेगा। देश में हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर जागरुकता लगातार बढ़ती जा रही है, और लोग अब ज्यादा से ज्यादा संख्या में पॉलिसी खरीद भी रहे हैं। हालांकि पॉलिसी से जुड़ी कई बातों की जानकारी न होने से जरूरत पड़ने पर लोगों को पता चलता है कि उन्होने पॉलिसी गलत ली है या उन्हें अपने पैसे का पूरा फायदा नहीं मिला है।  

दरअसल इंश्योरेंस कंपनियां के द्वारा जारी की जाने वाली पॉलिसी में कई नियम और कई बाते ऐसी होती हैं जिन्हें समझना बेहद जरूरी होता है. आमतौर पर लोग अक्सर प्रीमियम और कवरेज को देखकर ही पॉलिसी खरीदने का फैसला लेते हैं. इसलिए वे नुकसान उठा लेते हैं। 

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