डायरेक्ट भुगतान में भारत नंबर वन, हर दिन 90 लाख से अधिक भुगतान 

मुंबई- देश में डिजिटल इंडिया अभियान लगातार जोर पकड़ रहा है और कैशलैस भुगतान एक हकीकत बन गया है। इस मामले में भारत कई विकसित देशों से भी आगे निकल गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने कहा कि औसतन 90 लाख से अधिक डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) भुगतान प्रतिदिन (वित्त वर्ष 2021-22 में) संसाधित किए जाते हैं। एक दिन में औसतन 28.4 करोड़ डिजिटल लेनदेन होते हैं।  

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि डिजिटल भुगतान और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के मामले में भारत विश्व गुरु बन गया है और भारत विकसित देशों को इस दिशा में राह दिखाने के लिए तैयार है। यहां तक कि जर्मनी जैसा विकसित देश भी डिजिटल तरीके से डीबीटी भुगतान के मामले में भारत से पीछे है। 

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक गत वित्त वर्ष 2021-22 में रोजाना 90 लाख से डीबीटी भुगतान किए गए जिससे 9.5 करोड़ लाभार्थियों को फायदा पहुंचा। मंत्रालय के मुताबिक भारत में रोजाना औसतन 28.4 करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन किया जा रहा है जो विश्व भर में सबसे अधिक है। डिजिटल ट्रांजेक्शन के मामले में चीन दूसरे नंबर पर तो अमेरिका तीसरे नंबर पर है।

मंत्रालय के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में 566 लाख करोड़ रुपये का डिजिटल ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों के मुताबिक यूनिफायड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से इस साल अगस्त माह में 10.72 लाख करोड़ रुपये का 6.57 अरब डिजिटल ट्रांजेक्शन किया गया जो इस साल जुलाई के मुकाबले ट्रांजेक्शन टर्म में 4.62 फीसद अधिक है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published.