विदेशी निवेशकों ने 20 माह के निवेश का तोड़ा रिकॉर्ड, इस महीने 47,000 करोड़ शुद्ध निवेश 

मुंबई- विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में 20 माह का रिकॉर्ड तोड़ा है। इस महीने में इन्होंने शुद्ध रूप से 47,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है। जबकि इससे पहले दिसंबर, 2020 में इन्होंने 47,080 करोड़ रुपया का निवेश किया था।  

डिपॉजिटरी से मिले आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अक्तूबर से लगातार पैसा निकाल रहे विदेशी निवेशकों ने इस साल जुलाई में 5,000 करोड़ रुपये के निवेश से वापसी की। जुलाई की तुलना में इस महीने में यह रकम 9 गुना से ज्यादा बढ़ गई। विश्लेषकों का कहना है कि अक्तूबर से बाजार में गिरावट का एक प्रमुख कारण एफआईआई की निकासी थी। अब जब जुलाई से इन्होंने वापसी की है तो बाजार भी वापसी कर के 60 हजार के करीब आ गया है। 

केआर चौकसी के एमडी देवेन चौकसी कहते हैं कि जिस तरह से हाल के समय में बाजार ने वापसी की है, उसमें मुनाफा वसूली भी हो सकती है। हालांकि एफआईआई अगर बने रहते हैं तो बाजार की तेजी आगे भी बनी रहेगी। उनका कहना है कि बाजार को काफी हद तक घरेलू निवेशकों का सहारा है, पर एफआईआई का निवेश बाजार को मजबूती देता है। 

वैसे देखा जाए तो एफआईआई का कुल निवेश का करीब 46 फीसदी हिस्सा केवल 10 कंपनियों में ही है। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज में 59.4 अरब डॉलर निवेश है। यह कुल निवेश का 10.28 फीसदी है। एचडीएफसी बैंक में 43.4 अरब डॉलर (7.51 फीसदी) और एचडीएफसी लि में 34.4 अरब डॉलर (5.95 फीसदी) है। आईसीआईसीआई बैंक में 33.7 अरब डॉलर (5.83 फीसदी) और इंफोसिस में 25.5 अरब डॉलर (4.41 फीसदी) है। 

टीसीएस में 20.9 अरब डॉलर का विदेशी निवेश है। कोटक बैंक में 17.3 अरब डॉलर, एक्सिस बैंक में 12.1 अरब डॉलर और एयरटेल में 9.3 अरब डॉलर निवेश है। एचयूएल में 9 अरब डॉलर जबकि निफ्टी के बाकी 40 शेयरों में 137 अरब डॉलर का निवेश है। निफ्टी के कुल शेयरों में इनका निवेश 402 अरब डॉलर और गैर निफ्टी कंपनियों में 176 अरब डॉलर निवेश है। इस तरह से कुल 578 अरब डॉलर यानी 46.20 लाख करोड़ रुपये का निवेश है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published.