अमेरिका की तुलना में भारतीय किसानों को 200 गुना कम सब्सिडी  

मुंबई- अमेरिका जैसे विकसित देशों की तुलना में भारतीय किसानों को 200 गुना कम सब्सिडी मिल रही है। बावजूद इसके इसमें कटौती की सिफारिश की गई है। एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय किसानों की सब्सिडी में इस समय 92 फीसदी कटौती की जरूरत है।  

हालांकि यह सिफारिश 1987 के कृषि उत्पादन और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के मुताबिक की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि समूह-20 देशों की अध्यक्षता इस बार भारत कर रहा है और ऐसे में उसके पास स्वर्णिम अवसर है कि वह किसानों की सब्सिडी पर लंबे समय से फंसे मामलों को हल करे।   

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में हर किसान को 2016 में 60,586 डॉलर सब्सिडी मिलती थी। ब्रिटेन में यह रकम 6,762 डॉलर थी। चीन में 863 डॉलर, कनाडा में 16,562 डॉलर, जापान में 10,149 डॉलर और भारत में 227 डॉलर की मदद मिलती है। हालांकि, 2021 में भारत में एसबीआई की रिपोर्ट के अनुमान के आधार पर यह बढ़कर 600 डॉलर हो गई है, जो 2016 की तुलना में करीब ढाई गुना अधिक है। 

एसबीआई रिसर्च का मानना है कि विश्व व्यापार संगठन का संदर्भ पुराना हो चुका है। इसे अब जी-33 के प्रस्तावों के आधार पर तैयार करना चाहिए। साथ ही अधिकतम और न्यनूतम मूल्य को हटा देना चाहिए। इस प्रस्तावित उपाय के तहत रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर हम डब्ल्यूटीओ के अनिवार्य लक्षित सब्सिडी का पालन करते हैं तो भारत को अभी के स्तर से सब्सिडी में 31 फीसदी की कटौती करनी चाहिए। 

सब्सिडी कृषि के लिए एक महत्वपूर्ण मामला है। विकसित देशों में ज्यादा सब्सिडी मिलने से किसानों के उत्पादों को प्रतिस्पर्धात्मक फायदा होता है। विकसित और विकासशील देशों के लिए सब्सिडी की सीमा उनके कृषि उत्पादन के अनुपात में 5 और 10 फीसदी है। 

दिलचस्प बात यह है कि कोविड से पहले वित्त वर्ष 2018 से 2020 के दौरान डब्ल्यूटीओ की अनिवार्य सब्सिडी औसत से भारत की सब्सिडी काफी कम थी। भारत कोरोना के समय से 80 करोड़ भारतीयों को मुफ्त राशन दे रहा है। इससे महामारी के दौरान अर्थव्यवस्था को काफी मदद मिली। भारत समूह-20 (जी-20) की अध्यक्षता एक दिसंबर, 2022 से 30 नवंबर, 2023 के बीच करेगा। जी-20 समूह वैश्विक जीडीपी का 85 फीसदी हिस्सा रखता है जबकि 75 फीसदी अंतरराष्ट्रीय कारोबार में इसका हिस्सा है। पूरी दुनिया की तुलना में दो तिहाई आबादी इसके पास है। 

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