चीनी कंपनियों की मदद करने वाले सीए व कंपनी सचिवों पर कार्रवाई की तैयारी 

मुंबई- चीन की कंपनियों को गलत तरीके से भारत में स्थापित करने में मदद करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सचिवों पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है। इन पर आरोप है कि कंपनी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए चीनी कंपनियों और उनकी सहायक कंपनियों को शुरू करने में मदद की है।  

सीए की संस्था भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) और इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) को इस संबंध में करीब 400 शिकायतें मिली हैं। जिसके बाद कार्रवाई की तैयारी हो रही है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने इस संबंध में उक्त संस्थानों को शिकायतें भेजी हैं।  

अधिकारियों ने कहा कि मंत्रालय ने संस्थानों को उन सदस्यों का विवरण दिया है, जो इस गतिविधि में शामिल हैं। आईसीएआई के अध्यक्ष देबाशीष मित्रा ने कहा कि सरकार यह देख रही है कि चीनी कंपनियों और उनकी सहायक कंपनियों ने भारत में आने और कारोबार करने के लिए सभी नियमों का पालन किया है या नहीं। 

आईसीएआई और आईसीएसआई के सदस्यों को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अगर किसी सदस्य के खिलाफ कानून के उल्लंघन मामला होगा तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। दोनों संस्थानों को 200-200 ऐसे मामलों की जानकारी दी गई है। मित्रा ने कहा कि हमें कंपनी पंजीयक से जनवरी, 2022 में शिकायतें मिलीं थीं। कुछ कंपनियों के खिलाफ जून में और कुछ के खिलाफ अगस्त में शिकायतें मिलीं थीं।  

चीनी कंपनियों का मतलब उनसे है, जिसमें चीन मूल के लोग निदेशक या प्रमोटर्स हैं। सरकार यह देखना चाहती है कि ये लोग कंपनियों के गठन में भारत के नियमों का पालन किये हैं या नहीं। आईसीएआई के अध्यक्ष देवेंद्र देशपांडे ने कहा कि हाल के दिनों में एनफोर्समेंट एजेंसियों ने ऐसा पाया है कि कुछ कंपनियों ने गलत काम किया है। इसकी जानकारी एजेंसियों ने कॉरपोरेट मंत्रालय को दी है। 

देशपांडे ने कहा कि सीए या कंपनी सचिव आमतौर पर भारत से बाहर की कंपनियों का काम करने में सावधानी बरतते हैं। सदस्यों से नोटिस का जवाब मिलने के बाद मामला अनुशासन वाले बोर्ड के पास जाएगा। इसमें मामलों की गंभीरता को समझा जाएगा। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि फिलहाल कुछ ही मामले अभी लंबित हैं जिन पर अंतिम आदेश आना है। 

आईसीएआई के 3.50 लाख सदस्य हैं। आईसीएसआई के 68,000 सदस्य हैं। सभी संस्थान संसद से पारित कानून के तहत स्थापित किए गए हैं जो कॉरपोरेट मंत्रालय के तहत आते हैं। सरकार ने हाल में चीन की कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसमें पैसों के गबन से लेकर अन्य कई मामले हैं। इसी महीने संसद में सरकार ने बताया था कि 3,291 विदेशी कंपनियां भारत में सक्रिय हैं। जबकि पंजीकृत कंपनियों की संख्या 5,068 हैं। 

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