कोरोना घटते ही एलआईसी को मिलने वाले मौत के दावे में 20 फीसदी की कमी 

मुंबई- पिछले दो साल पहले कोरोना चरम पर था। ऐसे में हेल्‍थ इंश्‍योरेंस की डिमांड तेजी से बढ़ गई थी। बुरे वक्‍त में परिवार की हिफाजत के लिए लिया गया बीमा लोगों के काफी काम भी आया। अनहोनी की स्थिति में इंश्‍योरेंस का पैसा ही उनका सहारा बना। कोविड महामारी के दौरान इंश्‍योरेंस क्‍लेम करने वालों की संख्‍या में तेजी से इजाफा हुआ था, लेकिन अब कोरोना का असर कम होते ही डेथ क्‍लेम करने वालों की संख्‍या में गिरावट दर्ज की गई है।  

जीवन बीमा निगम (LIC) ने हाल ही में एक डाटा शेयर कर जानकारी दी कि इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मृत्यु के दावों यानि डेथ क्‍लेम में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। इससे अंदाजा लगया जा रहा है कि कोरोना का प्रभाव कम हुआ है। हालांकि यह राशि अभी भी 2020 के स्तर से अधिक है।  

आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष की जून तिमाही में 7,111 करोड़ रुपए तक के डेथ क्‍लेम का निपटारा किया गया था, जो इस वर्ष की पहली तिमाही के लिए 5,743 करोड़ रुपये रहा। यह जानकारी एलआईसी के अध्यक्ष एम आर कुमार ने विश्लेषकों के साथ साझा की। 

जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के कार्यकारी निदेशक दिनेश पंत ने कहा कि महामारी से पहले दावा दर बहुत स्थिर थी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में COVID के कारण क्‍लेम लेने वालों की संख्‍या में वृद्धि हुई है। “अब, वर्तमान तिमाही (30 सितंबर, 2022 को समाप्त) से, हम इसे और अधिक सामान्य की ओर व्यवस्थित होते हुए देख रहे हैं। हालांकि यह अभी भी 2020 से पहले के आंकड़ों पर वापस नहीं आया है, लेकिन हम इस बात की सराहना करेंगे कि प्रभावों में कुछ समय लगेगा।  

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