IRCTC से ट्रेन बुक करते हैं तो हो सकता है खतरा, आपके डेटा बेचने की योजना 

मुंबई- इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) अपने यात्रियों का डेटा बेचकर कमाई करने का प्लान बना रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, IRCTC को इस योजना से 1000 करोड़ रुपए की कमाई होगी। 

IRCTC के इस प्लान के सामने आने के बाद इसके शेयर में कल करीब 4% की तेजी देखने को मिली। भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग ब्रांच डिजिटल मोनेटाइजेशन के जरिए 1000 करोड़ रुपए का रेवेन्यू बढ़ाने का प्लान बना रही है। कंपनी का कहना है कि IRCTC में बड़ी संख्या में डिजिटल डेटा है, जो इसके लिए मोनेटाइजेशन के कई अवसर खोलता है।  

रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेंडर के तहत नियमों के अंतर्गत कंपनी की वेबसाइट के यूजर्स की पर्सनल जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं की जाएंगी। IRCTC ने अपने इस प्लान के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। अब इस टेंडर को लेकर ग्राहकों के मन में निजता और सुरक्षा से जुड़े कई सवाल उठाए जा रहे हैं।  

IRCTC के इस प्लान को लेकर इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने जानकारी शेयर की है। इस टेंडर में बताया गया है कि IRCTC एक सलाहकार नियुक्ति करेगी। यह सलाहकार उन्हें ग्राहकों के डेटा से पैसा कमाने के करने के तरीकों पर सुक्षाव देगा। 

IRCTC ने टेंडर में कहा है कि यूरोपीय जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन और पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2018 जैसे नियमों का गहन एनालिसिस कंसलटेंट करेंगे, ताकि यह तय हो सके कि मॉनेटाइजेशन का प्रस्ताव सही दिशा में और सुप्रीम कोर्ट के डेटा प्राइवेसी को लेकर दी गई गाइडलाइंस के मुताबिक हो। 

अभी ऐसा होता है कि यूजर किसी ट्रेन में ट्रैवल कर रहा है और खाना ऑर्डर करने के लिए ई-कैटरिंग का इस्तेमाल करता है। इस नए प्लान के आने के बाद हो सकता है कि जब ग्राहक ट्रेन में यात्रा करे तो उसके पास कुछ ई-कैटरिंग कंपनियों के नोटिफिकेशन आने शुरू हो जाएं, जहां से वो अपने लिए खाना ऑर्डर कर सकता है। 

IRCTC रेलवे टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग के लिए भारतीय रेलवे की अधिकृत एकमात्र यूनिट है। इतना ही नहीं IRCTC एकमात्र यूनिट है, जो केटरिंग पॉलिसी 2017 के तहत रेलवे स्टेशनों पर केटरिंग सर्विसेज को मैनेज करने के लिए अधिकृत है। 

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