नौकरी से खुश नहीं हैं 30 फीसदी लोग, बदलना चाहते हैं कंपनी 

मुंबई- देश में 30 फीसदी से ज्यादा कर्मचारी अपनी नौकरी बदलना चाहते हैं। जबकि 71 फीसदी का मानना है कि करियर में आगे बढ़ने के लिए उनके काम की अनदेखी की जा रही है। प्राइस वाटरहाउस कूपर्स (PWC) इंडिया की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। पिछले कुछ सालों में भारत में कार्यस्थल पर कामकाज के तरीके में काफी बदलाव आया है। नियोक्ता और कर्मचारी दोनों की मानसिकता में बदलाव देखा गया है। 

यह रिपोर्ट पीडब्ल्यूसी के ग्लोबल वर्कफोर्स होप्स एंड फियर्स सर्वे 2022 के निष्कर्षों पर आधारित है। सर्वेक्षण में भारत के 2,608 कर्मचारियों ने भाग लिया और इसमें से 93 फीसदी स्थायी कर्मचारी हैं। सर्वेक्षण में 34 फीसदी कर्मचारियों ने कहा कि उनके नौकरी बदलने की संभावना काफी अधिक है। जबकि, वैश्विक स्तर पर 19 फीसदी कर्मचारियों ने यह राय जताई है। इसके अलावा 32 फीसदी कर्मचारी नौकरी छोड़ने की भी योजना बना रहे हैं। 

वहीं, साल 1981 और 1996 के बीच पैदा हुए कर्मचारियों की नई नौकरी तलाश करने की सबसे अधिक संभावना है। ऐसे 37 फीसदी ने संकेत दिया है कि वे अगले एक साल में नौकरी बदल सकते हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक, 1990 के दशक के आखिर में और 2010 के दशक की शुरुआत में जन्मे कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की संभावना सबसे कम है। 

एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि अब कर्मचारियों में सिर्फ ज्यादा वेतन के लिए नौकरी बदलने की चाह नहीं रहा है, बल्कि वह पैसे अलावा अन्य मुद्दों पर भी गौर करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 66 फीसदी लोगों ने माना कि वह नौकरी के लिए हां बोलने से पहले काम के प्रभाव को देखते हैं। 

वहीं, 64 फीसदी लोग ऐसे थे, जिनका कहना था कि वह नई नौकरी लेने से पहले वर्क कल्चर को देखते हैं. इसके बाद 62 फीसदी लोगों ने कहा कि वह नौकरी ज्वाइन करने से पहले जॉब लोकेशन को देखते हैं। दूसरी ओर, 66 फीसदी महिला कर्मचारी ऐसी थीं, जिन्होंने कहा कि वह नई नौकरी के काम की क्वालिटी और उसके प्रभाव को देखती हैं।  

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