कर्ज लेने वालों को किसी भी हाल में एजेंट न धमकाएं- आरबीआई 

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कर्ज वसूली एजेंटों द्वारा अनुचित प्रथाओं पर और नकेल कस दी है। इसने शुक्रवार को उधारी देने वाली सभी संस्थाओं को सीधे तौर पर कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी हाल में वसूली एजेंट कर्ज लेने वालों को परेशान न करें।  

एजेंटों के खिलाफ मिल रही शिकायतों के बाद केंद्रीय बैंक ने यह अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना उन सभी संस्थाओं पर लागू होगी, जो आरबीआई के दायरे में आएंगी। इसने कहा कि किसी भी हाल में एजेंट उधारकर्ताओं को धमकाएं नहीं। 

आरबीआई ने इन एजेंटों से उपजी चिंताओं के मद्देनजर यह चेतावनी दी। उसने कहा, संस्थाएं यह सुनिश्चित करें कि उनके एजेंट कर्ज लेने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मौखिक या शारीरिक रूप से किसी भी तरह की धमकी या उत्पीडऩ का सहारा न लें। एजेंट न तो उधारकर्ता के दोस्तों और न ही परिवार के सदस्यों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करें। 

केंद्रीय बैंक ने कहा, उधारकर्ताओं की गोपनीयता में एजेंट दखल न दें। ऐसे एजेंटों को मोबाइल या सोशल मीडिया के माध्यम से अनुचित संदेश भेजने या कॉल करने से बचना चाहिए। सुबह 8बजे से पहले ौर शाम को 7 बजे के बाद फोन नहीं करना चाहिए। ऐसे किसी भी उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। आरबीआई को एक अप्रैल, 2021 से 3 मार्च, 2022 तक बैंकों और एनबीएफसी के खिलाफ ऐसी 7,813 शिकायतें मिलीं थीं। 

अगर लोन रिकवरी एजेंट आपको परेशान करता है तो आपको सबसे पहले बैंक से इसकी शिकायत करनी चाहिए। आप अपनी परिस्थितियों के बारे में बैंक को बता सकते हैं और लोन रिपेमेंट की शर्तों में बदलाव का अनुरोध कर सकते हैं। अगर बैंक 30 दिन के भीतर आपकी शिकायत का निपटारा नहीं करता है तो आप बैंकिंग ओंबड्समैन से शिकायत कर सकते हैं। साथ ही बैंकिंग रेगुलेटर आरबीआई को भी शिकायत की जा सकती है।  

रिजर्व बैंक उस बैंक को ऑर्डर दे सकता है और खास मामलों में जुर्माना भी लगा सकता है। अगर रिकवरी एजेंट कोई गैर-कानूनी एक्शन लेता है। यानी हाथापाई करता है या कोई चीज उठा ले जाता है तो पुलिस में शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा कर्जदार के पास लोक अदालत और कंज्यूमर कोर्ट में जाने का भी विकल्प है। 

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