जीटीवी इंजीनियरिंग की बिग गेम में प्रवेश की तैयारी, बीएसई में दी सूचना 

मुंबई- जीटीवी इंजीनियरिंग एक बिग गेम में प्रवेश की तैयारी में है। कंपनी ने इसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी है। यह कंपनी बीएसई में सूचीबद्ध है। यह स्मॉल कैप कंपनी है जिसका मार्केट कैप सिर्फ 66 करोड़ रुपये है।  

कंपनी में 3 विभाग हैं। बिजली, खाद्य और इंजीनियरिंग। उसके हिमाचल प्रदेश और भोपाल में प्लांट हैं। इंजीनियरिंग और बिजली व्यवसाय हिमाचल प्रदेश में स्थित है जबकि खाद्य व्यवसाय भोपाल में स्थित है। हिमाचल प्रदेश में कंपनी का 6 मेगावाट बिजली संयंत्र है। 29 जुलाई को बीएसई फाइलिंग के अनुसार उसने कंपनी के अधिग्रहण की घोषणा की है, जिसने एन (एस श्री हाइड्रोपावर प्राइवेट लिमिटेड (हिमाचल प्रदेश में लघु जल विद्युत उत्पादन) के 100% इक्विटी शेयरों और राउरा नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के 12% इक्विटी शेयरों को प्राप्त करने के माध्यम से ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में अपनी मौजूदा भागीदारी को बढ़ाने के लिए मंजूरी दे दी है।  

रौरा नॉन कन्वेंशनल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड पिछले 15 वर्षों से बिजली, गैस और पानी कंपनियों के कारोबार में प्रमुख है और वर्तमान में, कंपनी के संचालन सक्रिय हैं। इस कंपनी के मुख्य प्रमोटर अमित कुमार मोदी और अर्जुन रेड्डी हैं। बैलेंस शीट से पता चलता है कि कंपनी के पास 16 मेगावाट की हाइड्रोपावर है और वह हिमाचल प्रदेश में 24 मेगावाट का नया संयंत्र स्थापित कर रही है। कंपनी का इक्विटी 22 करोड़ रुपये है। 

इस समूह का 7 और बिजली कंपनियों में निवेश है। इसमें रौरा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड में 5.5 करोड़, नैंटी हाइड्रो पावर प्राइवेट लिमिटेड ईक 46 करोड़ रुपये, टारंडा हाइड्रो पावर प्राइवेट ईक 45.00 करोड़, पचोर हाइड्रो पावर प्राइवेट लिमिटेड 101.50 करोड़, आरती एनर्जी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड 20.00 करोड़, रमेश हाइड्रो पावर प्राइवेट लिमिटेड 75.56 करोड़ और आस्था ग्रीन एनर्जी वेंचर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में 45 करोड़ रुपये है। 

इस प्रकार अकेले इक्विटी के माध्यम से बिजली क्षेत्र में समूह का निवेश 360 करोड़ रुपये के करीब है। इस क्षेत्र में जीटीवी इंजीनियरिंग एकमात्र लिस्टेड कंपनी होने से इसका सबसे बड़ा लाभार्थी हो सकती है। सूत्रों के अनुसार जीटीवी एनएसई लिस्टिंग के लिए भी जा सकती है। इसके लिए न्यूनतम इक्विटी की सीमा 10 करोड़ रुपये है। इसलिए कंपनी इक्विटी बढ़ाने के लिए विभिन्न विकल्पों की तलाश कर सकती है जो कि बोनस, प्रफरेंशियल इश्यू या किसी भी समूह कंपनी में विलय हो सकता है। इन तीनों स्थितियों में निवेशकों को फायदा हो सकता है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published.