बीएसएनएल कर्मचारी नहीं सुधरे तो रेलवे की तरह नौकरी से निकाले जाएंगे

मुंबई- दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के करीब 62 हजार कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी है। उनका एक ऑडियो लीक हुआ है, जिसमें वह कर्मचारियों से कह रहे हैं कि अगर काम करना है तो करें या फिर घर बैठ जाएं। इसके साथ ही कंपनी के कर्मचारियों से अगले दो साल खूब मेहनत करने को भी कह रहे हैं।

अश्विनी वैष्णव ने कर्मचारियों से कहा कि या तो वे काम करें या फिर वीआरएस ले लें। नहीं तो काम न करने वालों को जबरन वीआरएस दे दिया जाएगा, जैसा रेलवे में किया गया। बता दें कि हाल ही में सरकार ने BSNL को पटरी पर लाने के लिए 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपए का पैकेज दिया है। इस पैकेज के तीन हिस्से हैं, इसमें सेवाओं में सुधार, बहीखातों को मजबूत करना और फाइबर नेटवर्क का विस्तार करना शामिल है।

BSNL के लिए इस पैकेज को मंजूरी देने के चलते सरकार की जमकर आलोचना भी हो रही है। सरकार के इस फैसले के बाद दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि सरकार BSNL को 4G सेवाओं की पेशकश करने के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित करेगी। उन्होंने कहा कि हम BSNL को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दूरसंचार एक रणनीतिक क्षेत्र है, जहां सरकार BSNL की मदद के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय मंत्री का कहना है कि 2019 में BSNL को दिए गए पहले पुनरुद्धार पैकेज से कंपनी में काफी स्थिरता आई है। अब 1,64,156 करोड़ रुपए से कंपनी को नई दिशा मिलेगी। दूरसंचार बाजार में निजी कंपनियां आगे निकल रही हैं। अगर प्रौद्योगिकी और सेवाओं को आधुनिक करने के लिए सरकारी मदद नहीं मिलती, तो कंपनी गहरे संकट में फंस जाती।

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