जुर्माने के साथ 31 मार्च तक भर सकते हैं आयकर रिटर्न 

मुंबई- 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने की तारीख समाप्त हो चुकी है। पर अगर आप किसी कारण से आईटीआर भरने से चूक गए हैं तो अभी भी आप इसे भर सकते हैं। वैसे तो सभी आयकरदाताओं को तय समय में ही अपने आईटीआर भर देना चाहिए। हालांकि अगर आप इसे नहीं भर पाते हैं तो जुर्माने के साथ भी 31 दिसंबर और 31 मार्च तक ही आप इसे भर सकते हैं। साथ ही आईटीआर में कोई सुधार भी तभी तक हो पाएगा।  

सीए अजय कुमार सिंह कहते हैं कि आईटीआर समय पर भरने के कई सारे फायदे हैं। टैक्स चोरी करने पर बीमा का लाभ नहीं मिलेगा। तीन वर्षों का आईटीआर नहीं है तो कर्ज लेने में दिक्कत होगी। विदेश यात्रा के लिए वीजा में भी आईटीआर काम आता है। अगर स्टार्टअप है तो इसके लिए पूंजी जुटाने में आईटीआर का योगदान महत्वपूर्ण होता है।  

असेसमेंट ईयर (आकलन वर्ष) 2022-23 (वित्तवर्ष 2021-22) के आईटीआर को भरने की तारीख से अगर आप चूक गए हैं और सालाना आय ढाई से पांच लाख है तो एक हजार का जुर्माना लगेगा। इसे आप तब 31 मार्च तक भर सकेंगे। जिनकी सालाना आय 5 लाख रुपये से 10 लाख तक है, वे 31 दिसंबर तक 5,000 रुपए का जुर्माना देकर आईटीआर भर सकते हैं। हालांकि 31 मार्च तक 10,000 रुपये जुर्माना देकर इसे भर सकते हैं। 

हालांकि अगर आपकी सालाना आय मूल छूट रकम से कम है तो कोई जुर्माना नहीं लगेगा। इसे आप 31 मार्च तक भर सकते हैं। अगर आप 60 साल की उम्र से कम हैं तो फिर टैक्स के पुराने नियम में ढाई लाख से कम आय पर कोई कर नहीं देना होगा। 60 साल से 80 साल की उम्र में 3 लाख रुपये पर कोई टैक्स नहीं है। जबकि 80 साल से ज्यादा वालों के लिए 5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है। आईटीआर में अतिरिक्त आय नहीं बताने पर एक साल में इस पर 50 फीसदी का टैक्स लगेगा। एक साल के बाद और दो साल के पहले बताने पर 100 फीसदी का टैक्स लगेगा। 

अगर आपकी आय ब्याज और लाभांश से है। इस पर 10 फीसदी का टीडीएस कटा है। लेकिन आप 20 या 30 फीसदी के टैक्स दायरे में आते हैं तो टैक्स के अंतर की रकम का भुगतान हर महीने एक फीसदी ब्याज के साथ देना होगा। हालांकि अगर बकाया रकम का भुगतान महीने की पांच तारीख के बाद किया जाता है तो ब्याज पूरा एक महीने का लगेगा। अगर आप रिफंड के लिए 31 दिसंबर की तारीख भी चूक गए हैं तो आयकर आयुक्त के पास एक अपील करनी होगी। सही कारण होगा तो फिर से इसे फाइल करने की मंजूरी मिल सकती है। 

आपने अब तक अगर आईटीआर नहीं भरा तो अब आप भविष्य में होने वाली आय के सामने इस नुकसान को नहीं दिखा पाएंगे। इसमें कैपिटल गेन से लेकर कारोबार या पेशे से जो भी फायदा होता है सब शामिल होगा। उदाहरण के तौर पर इस साल आपको किसी तरह से एक लाख का नुकसान है, लेकिन अगले साल अगर आपको इतना फायदा होता है तो उसे आप इस नुकसान के एवज में नहीं दिखा सकते हैं। नियम के तहत किसी भी नुकसान को 8 वित्तीय वर्षों के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। 

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