जोमैटो का शेयर 14 फीसदी टूटकर एक साल के निचले स्तर पर पहुंचा 

मुंबई- डिलीवरी कंपनी जोमैटो के शेयर सोमवार को शुरुआती कारोबार में 14% से ज्यादा गिरकर 46 रुपए तक आ गए। ये इसका अब तक का सबसे निचला स्तर है। हालांकि बाद में यह 11 फीसदी गिरकर 47.70 रुपए पर बंद हुआ। शेयर में गिरावट के कई कारण बताए जा रहे हैं। इसका एक कारण प्री-IPO शेयरधारकों का एक साल का लॉक-इन पीरियड खत्म होना है। ब्लिंकिट डील की मंजूरी के बाद से भी शेयर प्रेशर में हैं। 

जोमैटो के शेयरों में गिरावट के कारण पर IIFL सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अनुज गुप्ता ने कहा, जोमैटो के शेयर 23 जुलाई 2021 को भारतीय बाजारों में लिस्ट हुए थे जिसका मतलब है एम्पलॉइज, कंपनी के फाउंडर जैसे लोगों के लिए एक साल का लॉक-इन पीरियड खत्म हो गया है। चूंकि ये शेयरहोल्डर जोमैटो के टोटल पेड अप कैपिटल का लगभग 78% (613 करोड़ शेयर) हिस्सा हैं, इसलिए इसमें बिकवाली का दबाव है। 

ब्लिंकिट डील के बाद से शेयरों पर दबाव रहा है, जिसमें कंपनी के बोर्ड ने ऑल-स्टॉक डील में 4,447 करोड़ रुपए में स्टार्टअप के अधिग्रहण को मंजूरी दी थी। विश्लेषकों के मुताबिक, निवेशकों को यह देखना चाहिए कि लॉक-इन खत्म होने के बाद अब उबर और डिलिवरी हीरो जैसे शेयरधारक क्या करते हैं? उबर की जोमैटो में 7.78%, जबकि फूडटेक कंपनी डिलीवरी हीरो के पास 1.36% हिस्सेदारी है। 

जोमैटो के शेयर 23 जुलाई 2021 को BSE और NSE पर 51% से ज्यादा के मजबूत प्रीमियम पर 115 रुपए पर लिस्ट हुए थे। इसका इश्यू प्राइस 76 रुपए था। बंपर लिस्टिंग के बाद, इसके शेयरों ने 16 नवंबर 2021 को 52 हफ्ते के उच्च स्तर 169.1 रुपए को छुआ था।  

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