खुदरा महंगाई- 12 प्रमुख देशों में भारत शीर्ष पर, वेजेजुएला में सबसे ज्यादा 

मुंबई- महंगाई के मोर्चे पर लगातार बढ़ रही चुनौती के बीच दुनिया के प्रमुख 12 देशों की तुलना में भारत शीर्ष पर बना हुआ है। भारत में खुदरा महंगाई जून महीने में 7 फीसदी से ऊपर रही, जबकि 12 प्रमुख देशों में इससे कम रही। इन देशों की बात करें तो सउदी अरबिया में खुदरा महंगाई सालाना आधार पर 2.3 फीसदी रही है।  

चीन में यह 2.5 फीसदी जबकि जापान में भी यह इसी स्तर पर रही है। स्विटजरलैंड में 3.4 फीसदी और इंडोनेशिया में यह 4.4 फीसदी रही है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार महंगाई को रोकने की उपाय कर रहे हैं। वे ब्याज दरों को बढ़ाकर मांग पर दबाव बनाना चाहते हैं। बावजूद इसके अभी तक सभी देशों में महंगाई का स्तर उनके लक्ष्य से ज्यादा बना हुआ है। 

महंगाई की दर सबसे ज्यादा वेनेजुएला में है जो 167 फीसदी है। इसके बाद तुर्की में महंगाई की दर 78.6 फीसदी, अर्जेंटीना में 64 फीसदी, रूस में 15.9 फीसदी और पोलैंड में 15.5 फीसदी महंगाई की दर है। ब्राजील में 11.9 फीसदी और स्पेन में 10.2 फीसदी महंगाई दर बनी हुई है। 

महंगाई की आंच से अमेरिका भी प्रभावित है। यहां पर 9.1 फीसदी महंगाई दर है। जबकि यूके में 9.4 फीसदी है। आयरलैंड में 9.1, पुर्तगाल और स्वीडन में 8.7-8.7, नीदरलैंड में 8.6, यूरोजोन में 8.6 और कनाडा में 8.1 फीसदी की महंगाई दर है। इटली और मैक्सिको में 8-8 फीसदी की महंगाई है। 

सबसे खुशहाल देश माने जाने वाले फिनलैंड में महंगाई की दर 7.8 फीसदी पर है। थाईलैंड में 7.7 फीसदी, जर्मनी में 7.6 फीसदी, दक्षिण अफ्रीका में 7.4 फीसदी और न्यूजीलैंड में महंगाई की दर 7.3 फीसदी है। इन ऊंची दरों से निपटने के लिए इस साल मार्च के बाद से कई देशों ने दरों में अचानक तेज बढ़ोतरी की है।  

भारत ने बिना तय समय के मई में अचानक दरों में 0.5 फीसदी की बढ़त कर सबको चौंका दिया था। जबकि जून में इसने अपनी बैठक में 0.40 फीसदी की बढ़त की थी। दरों में पिछले चार सालों में पहली बार बढ़त की गई थी। आरबीआई का लक्ष्य रेपो दर को दिसंबर तक 6 फीसदी से ऊपर ले जाने का है जो अभी 4.90 फीसदी पर है।  

इसी तरह से अमेरिका ने इस साल में दरों को 3.4 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य रखा है जो अभी 1.50 फीसदी है। मार्च से अब तक 3 बार दरों को बढ़ाया है। अमेरिका ने 28 साल में पहली बार इतनी बढ़ोतरी की है। इससे पहले 1994 में इसने दरों को बढ़ाया था। 

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