स्विस बैंकों में भारतीयों का कितना जमा है, सरकार को नहीं पता  

मुंबई- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा को बताया कि पनामा पेपर लीक्स, पैराडाइज पेपर लीक्स और हाल ही में सामने आए पैंडोरा पेपर लीक्स जैसे मामलों में तेज और समन्वित जांच करने के लिए सरकार ने एक मल्टी एजेंसी ग्रुप (MAG) का गठन किया है। सदस्यों ने पूछा था कि क्या स्विस बैंकों में भारतीय नागरिकों और कंपनियों द्वारा जमा की गई राशि में वृद्धि दर्ज की गई है। 

वित्त मंत्री ने बताया कि भारतीय नागरिकों और कंपनियों द्वारा स्विस बैंकों में कितना धन जमा है, इसका कोई सरकारी अनुमान नहीं है। सीतारमण ने कहा कि हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के धन में साल 2020 की तुलना में 2021 में बढ़ोतरी हुई है।  

उन्होंने कहा कि इन मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी उल्लेख मिलता है कि इन जमा राशियों से यह संकेत नहीं मिलता है कि स्विट्जरलैंड में कथित तौर पर भारतीयों द्वारा जमा किए गए कालाधन की मात्रा कितनी है। सीतारमण ने बताया कि इस विषय पर स्विस अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) द्वारा प्रकाशित किए जाने वाले आंकड़ों का भारतीय मीडिया स्विस वित्तीय संस्थानों में भारतीय निवासियों की परिसम्पत्तियों की राशि का विश्वसनीय सूचकों के रूप में नियमित रूप से उल्लेख करता रहता है।  

सीतारमण ने आगे कहा कि मीडिया रिपोर्ट में इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया है कि इन आंकड़ों की किस तरह से व्याख्या की जाए जिसके कारण गुमराह करने वाले शीर्षक और विश्लेषण सामने आए हैं. इसके अलावा बार-बार यह मान लिया जाता है कि भारतीय नागरिकों द्वारा स्विटजरलैंड में जमा धन अघोषित ही है। 

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