2010 के बाद सबसे ज्यादा बोनस, 73 कंपनियों ने निवेशकों की भरी झोली  

मुंबई- शेयर बाजार के भारी उतार-चढ़ाव के बीच कंपनियों ने निवेशकों की झोली भरी है। वित्तवर्ष 2022-23 में अब तक कुल 73 कंपनियों ने निवेशकों को बोनस दिया है। यह पिछले 12 वर्षों का रिकॉर्ड है। इससे पहले 2010 में 90 कंपनियों ने बोनस घोषित किया था।  

आंकड़ों के मुताबिक, इस साल बोनस घोषित करने का रिकॉर्ड 2018 को पीछे छोड़ सकता है। उस साल 78 कंपनियों ने बोनस दिया था। जानकारों का मानना है कि कंपनियों की अच्छी कमाई और साथ ही निवेशकों के विश्वास की वजह से उनको यह पुरस्कार मिला है। कोई भी कंपनी बोनस तब देती है, जब वह बेहतर मुनाफा कमाती है। 

इस साल बजट में सरकार ने आयकर की धारा 94 (8) में सुधार किया था। इसमें कहा गया था कि बोनस को रोकना होगा। हालांकि इसमें कुछ नए नियम आ सकते हैं। जिसमें बोनस उन्हीं को मिलेगा, जो एक तय समय तक शेयरों को रखेंगे। यानी एक अवधि निर्धारित तय हो सकती है। इस नए नियम को एक अप्रैल, 2023 से लागू किया जाना है। इसके पहले कंपनियों ने इस साल अच्छा खासा बोनस निवेशकों को दिया है। 

वर्तमान निवेशकों को कंपनियां बोनस के रूप में अतिरिक्त शेयर देती हैं। निवेशकों के पास जितने शेयर होते हैं, उसी अनुपात में दिया जाता है। इसमें एक पर एक शेयर या हर शेयर पर दो शेयर भी बोनस के रूप में दिया जा सकता है। कंपनी इसे अपने मुनाफे या रिजर्व में से भी देती है। हालांकि यह लाभांश की तरह नकदी में नहीं होता है। लाभांश निवेशकों के खाते में नकदी के रूप में मिलता है। 

बोनस देने वाली प्रमुख कंपनियों में इंडियन ऑयल, वरुण बेवरेजेस, टोरंट फार्मा, एयू स्माल फाइनेंस बैंक, मिंडा इंडस्ट्रीज, आरईसी, अजंता फार्मा, इजी ट्रिप, जीएमएम और अन्य हैं। वित्तवर्ष 2022 में कंपनियों का फायदा 22 फीसदी बढ़ा है। 

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